Q1 Results: जून तिमाही के नतीजों में कुछ कंपनियों ने शानदार वापसी की है। पिछले साल घाटे में रहने वाली फार्मा और रियल्टी सेक्टर की दो कंपनियों ने इस बार मुनाफा दर्ज किया है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी सुधार दिखा है। नतीजों के बाद अब इन दोनों शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
दवा कंपनी Wockhardt का जून तिमाही में प्रदर्शन दमदार रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 106 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में 90 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 26% बढ़कर 929 करोड़ रुपये रहा।
EBITDA भी 72 करोड़ रुपये से बढ़कर 192 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 9.76% से बढ़कर 20.67% पहुंच गया। कंपनी के बायोटेक कारोबार की रेवेन्यू 112% बढ़कर 236 करोड़ रुपये रही। वहीं, इंडिया ब्रांडेड बिजनेस 21% बढ़कर 156 करोड़ रुपये और यूके कारोबार 10% बढ़कर 343 करोड़ रुपये रहा। इमर्जिंग मार्केट्स की रेवेन्यू 64% बढ़कर 263 करोड़ रुपये रही।
कंपनी ने अब तक 3,291 पेटेंट फाइल किए हैं और उसके पास 859 पेटेंट हैं। Wockhardt का शेयर सोमवार को 4.36% गिरकर 1,932.60 रुपये पर बंद हुआ।
रियल्टी कंपनी Kolte-Patil Developers का जून तिमाही में प्रदर्शन मजबूत रहा। यह कंपनी भी घाटे से मुनाफे में लौट आई। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 146.3 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में 17 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू भी 82.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 919.5 करोड़ रुपये हो गया।
ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी बड़ा सुधार हुआ। कंपनी का EBITDA 190 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले 26 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा था। Kolte-Patil Developers का शेयर सोमवार को 4.24% बढ़कर 463.90 रुपये पर बंद हुआ।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।