बाजार की नजर कल आने वाले नतीजों पर हैं। कल जुबिलेंट फूड्स, भारत फोर्ज, सीमेंस, अशोक लेलैंड समेंट वायदा बाजार की 7 कंपनियों के नतीजे आएंगे ।अशोक लेलैंड का मुनाफा 15% बढ़ सकता है हालांकि सेल्स और मार्जिन पर दबाव संभव है। तो आइए डालते है एक नजर कैसे रह सकते है तिमाही नतीजे?
Q3 में कंपनी का मुनाफा 15 फीसदी की गिरावट की संभावना है और यह 9114 करोड़ रुपये पर रहा। जबकि EBITDA 2 फीसदी गिरकर 1086 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है। हालांकि सेल्स में 1.70 फीसदी का दबाव संभव है। ट्रक सेगमेंट पर दबाव रहा, बस सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ संभव है । स्टील कीमते घटने से मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। M&HCV सेगमेंट से मिक्स डिमांड रही।
डिमांड आउटलुक, MHCV मार्केट शेयर, LCV मार्केट शेयर & आउटलुक और M&HCV & LCV एक्सपोर्ट डिमांड पर बाजार की नजर रहेगी।
CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक Q3 में कंसो आय 56% बढ़कर 2153 करोड़ रुपये पर पहुंचा। कंसो आय में DP Eurasia का अधिग्रहण शामिल हुआ। Q3 में स्टैंडअलोन आय 19% बढ़कर `1611 करोड़ रुपये पर पहुंचा। Q3 में कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 25 फीसदी बढ़कर 76 करोड़ रुपये पर रहा जबकि मार्जिन 20.9% से घटकर 20% पर रहा। वहीं EBITDA में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। बता दें कि Q3 में LFL ग्रोथ 12.5% रही।
डाइन-इन में LFL ग्रोथ, बेवरेजेज पोर्टफोलियो का असर और Popeyes में ग्रोथ पर बाजार की नजर रहेगी।
Q3 में डिफेंस ऑर्डर बढ़ने से आय को सपोर्ट संभव है। घरेलू और एक्सपोर्ट्स CV कारोबार में गिरावट संभव है। स्टैंडअलोन मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। तीसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़कर 373 करोड़ रुपये पर रह सकता है जबकि मुनाफे में भी 2 फीसदी की उछाल संभव है और यह 2307 करोड़ रुपये पर रह सकता है।
साल -दर-साल आधार पर तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 24 फीसदी बढ़ा है और 506 करोड़ रुपये से बढ़कर 629 करोड़ रुपये पर रहा जबकि Revenue में 15.61% का उछाल संभव है। वहीं EBITDA में 29 फीसदी का उछाल संभव है और यह 766 करोड़ रुपये पर रह सकती है। हालांकि EBITDA Margins में 138.71 बेसिस प्वाइंट का उछाल संभव है।
मजबूत ऑर्डर बुक और तगड़े एक्जीक्यूशन से रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। मिक्स में बदलाव से मार्जिन बढ़ोतरी संभव है। मार्जिन ट्रेंड, एक्जीक्यूशन,लोकोमोटिव ऑर्डर डिमांड पर नजर रहेगी।
बाजार की नजर सरकारी और निजी सेक्टर से डिमांड आउटलुक पर नजर रहेगी। एक्सपोर्ट आउटलुक पर भी नजर रहेगी।