Q4 results : चौथी तिमाही में निफ्टी कंपनियों के नतीजे रह सकते हैं कमजोर, मिडकैप और स्मॉलकैप दिखाएंगे दम
Q4 results : ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि Nifty 50 कंपनियों के लिए Q4 FY26 का नतीजों का सीज़न सुस्त रहेगा। इस सेगमेंट की कुछ कंपनियों की ही ग्रोथ में मजबूती दिखेगी। निफ्टी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट से तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है
Brokerage on Q4 results : मार्च तिमाही में भारत की टॉप IT सर्विस कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रह सकते हैं। निवेशकों की नज़रें FY27 के लिए जारी गाइडेंस पर टिकी होंगी
Q4 results : ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि निफ्टी 50 कंपनियों के लिए मार्च तिमाही का नतीजों का सीज़न सुस्त रहेगा। इस सेगमेंट की कुछ कंपनियों की ही ग्रोथ में मजबूती दिखेगी। इनके मार्जिन पर दबाव बने रहने की संभावना है,जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट से तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। एनालिस्ट्स इस बात पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे कि तेल की वजह से हाल में आई परेशानी अस्थायी साबितहोगी या इसका कंपनियों के मुनाफ़े और ब्रॉडर मार्केट आउटलुक पर ज़्यादा लंबे समय तक असर देखने को मिलेगा।
मोतीलाल ओसवाल की राय
मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि Q4 FY26 में Nifty 50 की कमाई में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। जबकि मिड और स्मॉल कैप कंपनियों की कमाई में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, 10 प्रतिशत की ये अनुमानित दर पिछली पांच तिमाहियों में सबसे कम है। बता दें कि FY26 के Q3 और Q2 में मिड और स्मॉल कैप कंपनियों की कमाई में 18 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के रेवेन्यू में 10 से 12 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान है,हालांकिअर्निंग क्वालिटी कमज़ोर पड़ रही है। इनकी EBITDA मार्जिन में 40 से 60 बेसिस प्वाइंट की गिरावट की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल के कवरेज में शामिल नान-फाइनेंशियल सेक्टर के मार्जिन गिरकर 17.6 प्रतिशत पर आने की उम्मीद है, जो छह तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है।
जेएम फाइनेंशियल की राय
जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) के मुताबिक निफ्टी के Q4FY26 कर बाद के मुनाफ़े में सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस बढ़ोतरी में ऑटोमोबाइल,मेटल्स और माइनिंग और टेलीकॉम सेक्टर की अहम भूमिका रह सकती है। जबकि, फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर के मुनाफे में गिरावट आने की उम्मीद है। कंज्यूमर,ऑयल और गैस और यूटिलिटीज़ सेक्टर में भी धीमी या नेगेटिव ग्रोथ देखने को मिल सकती है। BFSI सेक्टर की कमाई में सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। BFSI को छोड़कर देखें तो Nifty के मुनाफ़े में 3.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। जबकि BFSI और ऑयल-गैस दोनों को छोड़कर देखें तो यह बढ़ोतरी 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
मिले-जुले रहेंगे आईटी कंपनियों के नतीजे
मार्च तिमाही में भारत की टॉप IT सर्विस कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रह सकते हैं। निवेशकों की नज़रें FY27 के लिए जारी गाइडेंस पर टिकी होंगी,ताकि वे रिकवरी के शुरुआती संकेत का अनुमान लगा सकें। हालांकि,AI से होने वाले बदलावों और कमज़ोर मांग को लेकर बनी चिंताएं अभी भी बाज़ार के सेंटिमेंट पर हावी हैं। कॉन्स्टेंट(constant currency) के हिसाब से आईटी कंपनियों की तिमाही-दर-तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ कमज़ोर रहने की उम्मीद है। जबकि पिछले बारह महीनों की ग्रोथ 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है,जो मांग में भारी गिरावट का संकेत है। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि बड़ी IT कंपनियों की ओर से FY27 के लिए ग्रोथ का अनुमान (गाइडेंस) हल्का ही रहेगा।
छोटी-मझोली आईटी कंपनियां दिखाएंगी दम
इसके विपरीत,मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट की आईटी कंपनियों से ज़्यादा मज़बूत कमाई की उम्मीद है। यस सिक्टोरिटीज (Yes Securities) के अनुसार, मिडकैप आईटी में लगभग 15.5 प्रतिशत रेवेन्यू ग्रोथ और लगभग 20 प्रतिशत प्रॉफ़िट ग्रोथ देखने को मिल सकता है। जबकि स्मॉलकैप आईटी में सालाना आधार पर 46.5 प्रतिशत अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है। इनको छोटे बेस और बेहतर होती ऑपरेशनल क्षमता का सहारा मिलेगा।
मिडकैप्स में ऑटो,स्टेपल्स,फाइनेंशियल,रियल एस्टेट और ट्रांसपोर्टेशन जैसे कुछ ही सेक्टर्स के मार्जिन में बढ़त होने की उम्मीद है,जबकि बाकी अधिकांश सेक्टर्स के मार्जिन में गिरावट देखने को मिल सकती है।
एलारा कैपिटल (Elara Capital) को उम्मीद है कि एनर्जी सेक्टर को छोड़कर बाकी मिडकैप कंपनियों के मुनाफ़े में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसमें बैंक,डिस्क्रिशनरी,इंडस्ट्रियल और IT सर्विसेज़ जैसे सेक्टर मार्जिन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। स्मॉलकैप कंपनियों की कुल कमाई में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। लेकिन एनर्जी सेक्टर को छोड़ दें तो यह बढ़ोतरी सिर्फ़ 4 प्रतिशत ही रह सकती है। इससे पता चलता है कि इन कंपनियों का ओवरऑल प्रदर्शन मुख्य रूप से MRPL और Chennai Petroleum जैसी एनर्जी कंपनियों की वजह से ही बेहतर रहा है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों में बाजार की नजरे मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर रहेंगी। इससे FY27 की कमाई की संभावनाओं का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। उनका यह भी कहना है कि सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें और कमोडिटी की ऊंची कीमतें FY27 की पहली तिमाही तक भी बनी रह सकती हैं।
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