बाजार को मोतीलाल ओसवाल की वेल्थ क्रिएशन रिपोर्ट का इंतजार रहता है। पिछले 26 साल से हर साल ये रिपोर्ट बाजार के गहरे INSIGHT देती रही है। निवेशकों को इसके जरिये अगले साल की मुनाफे वाली थीम का अंदाजा लग जाता है। मोतीलाल ओसवाल की 27वीं वेल्थ क्रिएशन रिपोर्ट आज जारी होगी। बाजार के मूड और अगले साल के ट्रेंड्स पर चर्चा के लिए आज मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने सीएनबीसी-आवाज़ से बात की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने बाजार में कहां पैसा बन सकता है। इसके बारे में टिप्स दिये। इसके अलावा किस सेक्टर में आने वाले दिनों में ग्रोथ देखने को मिलेगी ये भी बताया। अग्रवाल ने मार्केट में कंसीस्टेंसी और वोलैटिलिटी के अनुपात के बारे में भी अपनी राय दी।
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि 2017 से बड़ी कंपनियों की रीरेटिंग हुई है। सस्ती ब्याज दरों का कंपनियों को फायदा हुआ है। उनके मुताबिक आगे भी कंपनियों के नतीजे अच्छे आने की उम्मीद है।
निवेश के मंत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सबसे तेज परफॉर्म करने वाली कंपनियों की बजाय लगातार अच्छे प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर फोकस करना चाहिए। उतार-चढ़ाव वाली कंपनियों में कंपाउंडिंग मुश्किल होती है।
कहां दिख रही ग्रोथ, कहां करें खरीदारी?
रामदेव ने इसके जवाब में कहा कि अब नये जमाने वाली कंपनियों को खरीदने का सही समय आ गया है। सरकारी कंपनियों में भी खरीदारी की जा सकती है लेकिन सरकार द्वारा रेगुलेट कंपनियों से रिटर्न कम बनते हैं। आने वाले समय ऑटो एंसिलरी सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसलिए ऑटो एंसिलरी शेयरों पर फोकस कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि टेलीकॉम सेक्टर का सबसे बुरा दौर गुजर गया है। टेलीकॉम सेक्टर में अब स्थिरता आई है। टेलीकॉम सेक्टर में आगे अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।
2023 में कहां हो सकता है वेल्थ क्रिएशन?
इस पर उन्होंने कहा कि वेल्थ क्रिएशन के लिए हमारा फोकस लगातार मुनाफा कमाने वाली कंपनियों पर रहता है। हमारा फोकस कंसिस्टंट परफॉर्म करने वाली कंपनियों पर आगे भी रहेगा। उदाहरण के लिए जिस कंपनी ने 1 साल 100 रुपये का प्रॉफिट दिया तो हमें पता है कि अगले साल ये बहुत ज्यादा प्रॉफिट नहीं देगी लेकिन 110 रुपये का प्रॉफिट जरूर देगी। इसलिए जिन कंपनियों के परफॉर्मेंस में निरंतरता हो उसमें निवेश करने से वेल्थ क्रिएशन होता है।
बाजार में होने वाले कारोबार के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारा आकलन है कि इंडेक्स के 72 प्रतिशत शेयरों में कंसीस्टेंट कारोबार होता है। जबकि 18 प्रतिशत शेयरों में वोलैटाइल कारोबार होता है।
करेंट मार्केट में डर लग रहा है क्या, ये इस समय प्रीमियम पर है क्या?
उन्होंने कहा फिलहाल तो ये बाजार थोड़ा प्रीमियम पर जरूर है इसलिए मेरा मानना है कि यदि चाइना 30 प्रतिशत चल जाये तो हमारा प्रीमियम थोड़ा कम हो जायेगा। भारतीय बाजारों के वैल्यूएशन इस समय थोड़े महंगे हुए है। वहीं दूसरी तरफ ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ी है।
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