फिनटेक यूनिकॉर्न Razorpay ने आरबीआई के निर्देश के बाद ना केवल ऑनलाइन मर्चेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ना अस्थाई रुप से बंद कर दिया है। मनीकंट्रोल सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दे रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया कि वह आरबीआई ने Razorpay को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वह 15 दिसंबर से तब तक नए ग्राहको को जोड़ना बंद कर दे जब तक वह फाइनल पेमेंट एग्रीगेटर (PA) के लाइसेंस से संबंधित नए गाइडलाइंस का अनुपालन पक्का ना कर लें।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह का दावा भी किया गया है कि Cashfree और Stripe जैसे दूसरे पेमेंट गेटवे को भी आरबीआई से इसी तरह के निर्देश मिले है। हालांकि Stripe के स्पोर्ट पर्सन ने इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि हमें आरबीआई से नए ग्राहकों को जोड़ने से रोकने के लिए इस तरह का कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। हम भारत में अपना कारोबार जारी रखेंगे और भारतीय कारोबारियों के पेमेंट की सुविधा देते रहेंगे।
हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक Cashfree की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है। गौरलतब है कि जुलाई महीने के Pine Labs, Razorpay और अमेरिकन पेमेंट गेटवे Stripe को भारत में PA लाइसेंस के लिए संवैधानतिक (अस्थायी) मंजूरी मिली थी। लेकिन अब आरबीआई ने उनको अपने कारोबार के लिए फाइनल मंजूरी लेने के लिए निर्देश दिए हैं। इस मंजूरी के लिए इन कंपनियों को आरबीआई के कुछ नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस अनुपात की पुष्टि होने के बाद ही इनको पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर इनको इनगेटर के रुप में स्थाई लाइसेंस मिलेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरबीआई ने इन कंपनियों को भेज ईमेल में कहा है कि इनको पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने के लिए संवैधानिक मंजूरी मिली थी। इस मंजूरी के 6 महीने के अंदर कंपनी को अपना ऑडिट करवाना था। इससे उनको फाइनल मंजूरी मिल सकती थी। इसी संदर्भ में अब आरबीआई ने इन कंपनियों को फाइनल मंजूरी मिलने तक नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया है।