RBI Monetary Policy: 7% पर पहुंची 10-साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड, 22 महीनों में पहली बार

10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में शुक्रवार को 0.9% की उछाल आई और यह 7.007% के स्तर पर पहुंच गई

अपडेटेड Apr 08, 2022 पर 1:53 PM
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RBI ने सालाना महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.7% फीसदी कर दिया है

RBI MPC Meet: 10 साल के मैच्योरिटी वाली सरकारी बॉन्ड की यील्ड (Bond Yield) शुक्रवार 8 अप्रैल को 7% पर पहुंच गई, जो जून 2019 के बाद का इसका सबसे उच्चतम स्तर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में महंगाई के अपने सालाना के अनुमान को बढ़ा दिया। इसी के बाद शुक्रवार को 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 0.9% की उछाल आई और यह 7.007% के स्तर पर पहुंच गई। बता दें कि बॉन्ड की कीमत घटने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है।

RBI ने सालाना महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.7% फीसदी कर दिया है, जबकि इससे पहले उसने महंगाई के 4.5% पर रहने का अनुमान जताया था। इसके अलावा RBI ने वित्त वर्ष 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को भी 7.8% से घटाकर 7.2% कर दिया है।

मौजूदा वित्त वर्ष में बाजार से रिकॉर्ड उधारी जुटाने के लक्ष्य पर RBI गवर्नर शक्तिदांस ने कहा कि सरकार के उधारी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए RBI सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन जंग और चीन में कोविड लॉकडाउन ने देश के लिए नई चुनौतियां पैदा की हैं क्योंकि इससे ग्लोबल लेवल पर सप्लाई में बाधा आ सकती है और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।


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बॉन्ड यील्ड का मतलब क्या है?

बॉन्ड को फिक्स्ड रिटर्न एसेट कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि इसमें निवेश पर मिलने वाला रिटर्न पहले से तय होता है। शेयरों की तरह बॉन्ड की खरीद-बिक्री चलती रहती है। डिमांड ज्यादा होने पर बॉन्ड की कीमत घट जाती है, जबकि डिमांड कम होने पर उसकी कीमत गिर जाती है। कीमत घटने और बढ़ने से रिटर्न पर पड़ने वाला असर यील्ड के रूप में रिफ्लेक्ट होता है। दूसरी बात, बॉन्ड की कीमत और यील्ड में विपरीत संबंध होता है। बॉन्ड की कीमत घटने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है, जबकि उसकी कीमत बढ़ने पर यील्ड घट जाती है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं।

मान लीजिए आपने 10 साल के मैच्योरिटी वाले एक बॉन्ड में निवेश किया है, जिसकी कीमत 100 रुपये है। इस बॉन्ड पर इंट्रेस्ट रेट 10 फीसदी है। अगर बाजार में डिमांड घटने से बॉन्ड की कीमत गिरकर 90 रुपये रह जाती है तो भी आपको इस पर 10 फीसदी (10 रुपये) इंट्रेस्ट मिलेगा। इस तरह इस बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ जाएगा। इसे ही यील्ड कहा जाता है। ठीक इसके उलट बॉन्ड की कीमत अगर बढ़कर 110 रुपये हो जाती है तो भी आपको इस पर 10 फीसदी (10 रुपये) इंट्रेस्ट मिलेगा। इस तरह अब आपको 110 रुपये के निवेश पर 10 रुपये का इंट्रेस्ट मिल रहा है। इस तरह आपका रिटर्न (यील्ड) 10 फीसदी से कम हो जाता है।

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