RBI ने liquidity coverage ratio के नियम के बारे में नया ड्राफ्ट बनाया है। केंद्रीय बैंक ने इसमेंं नियमों को सख्त करने की तैयारी दिखाई है। इसकी वजह से बैंकिंग शेयरों पर दबाव भी नजर आया। फेडरल बैंक में करीब 4 परसेंट की गिरावट नजर आई। आरबीआई के नए फ्रेमवर्क के तहत इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग बेस्ड डिपॉजिट को ज्यादा वेटेज देना पड़ सकता है। हालांकि अभी इन नियमों पर RBI ने 31 अगस्त तक एक्सपर्ट्स से कमेंट मांगे हैं। इस बारे में हमारे सहयोगी चैन सीएनबीसी-आवाज़ से BIG MARKET VOICE में Tata Mutual Fund के CIO-Equities राहुल सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है कि आरबीआई के एक्शन को शॉर्ट टर्म की बजाय लॉन्ग टर्म के नजरिये से देखा जाना चाहिए।
