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RBI ने प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग नियम किए सख्त, REC, IREDA और PFC को लगा झटका, जानिए इन पर क्या है CLSA की राय

इन नियमों से PSU बैंकों के मुनाफे पर भी असर संभव है। नए नियमों के मुताबिक प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद ही प्रोविजनिंग 2.5 फीसदी होगी। आरबीआई के नए गाइडलाइंस पर अपनी राय जाहिर करते हुए आईआईएफएल सिक्योरिटी ने कहा है कि इसके PSU बैंकों के नेटवर्थ पर 1.5-3 फीसदी का असर होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड May 06, 2024 पर 4:23 PM
RBI ने प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग नियम किए सख्त, REC, IREDA और PFC को लगा झटका, जानिए इन पर क्या है CLSA की राय
एनएसई पर आरईसी का शेयर आज 41.20 अंक यानी 7.39 फीसदी गिरकर 516.60 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 540.20 रुपए और दिन का लो 481.80 रुपए रहा है

बाजार का पूरा फोकस आज आरईसी (REC), आईआरईडीए (IREDA) और PFC (पीएफसी) समेत सरकारी कंपनियों पर है। दरअसल आज इन सभी में तेज गिरावट है। इनके गिरने के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)का नया ड्राफ्ट है जिसमें अतिरिक्त प्रोविजन का जिक्र किया गया है। इस खबर पर ज्यादा डिटेल देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने बताया कि प्रोजेक्ट फाइनेंस को नियम सख्त किए गए हैं। बैंक, NBFCs के प्रोजेक्ट फाइनेंस का नया ड्राफ्ट जारी किया गया है।

यतिन ने बताया कि इस नए ड्राफ्ट के मुताबिक नए और पुराने प्रोजेक्ट लोन पर 5 फीसदी प्रोविजन करना होगा। इंफ्रा और नॉन-इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त प्रोविजनिंग संभव है। अतिरिक्त प्रोविजनिंग से मुनाफे पर असर दिखेगा। इस नियम का REC, IREDA और PFC पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। नये नियमों से PSU बैंकों के मुनाफे पर भी असर संभव है। नए नियमों के मुताबिक प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद ही प्रोविजनिंग 2.5 फीसदी होगी।

REC और PFC पर CLSA की राय

इस नए ड्राफ्ट के मद्देनजर CLSA ने REC और PFC पर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है कि RBI की गाइडलाइंस का इन कंपनियों के P&L एकाउंट ( प्रॉफिट एंड लॉस एकाउंट) पर असर नहीं होगा। इनका टियर-1 रेश्यो 23 फीसदी है। दोनों कंपनियां बेहतर तरीके से कैपिटलाइज्ड हैं। नए रेगुलेशंस से दोनों कंपनियों का कंपिटीशन कम होगा।

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