RCF Shares: इस ब्लॉक डील के चलते 20% की तगड़ी उछाल, शेयर पहुंचे रिकॉर्ड ऊंचाई पर

RCF Share Price: राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयरों की ब्लॉक डील ने इसके भाव को रॉकेट बना दिया। इसके शेयर ब्लॉक डील के चलते 20 फीसदी उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए और इसी अपर सर्किट पर यह बंद भी हुआ। यह इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयर आज 20 फीसदी की बढ़त के साथ BSE पर 222.40 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं

अपडेटेड Jun 20, 2024 पर 3:56 PM
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RCF के शेयरों की ब्लॉक डील 221 रुपये के औसत भाव पर हुई है। इसके तहत 1.2 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ है जो कंपनी की 2.1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी के बराबर है।

RCF Share Price: राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयरों की ब्लॉक डील ने इसके भाव को रॉकेट बना दिया। इसके शेयर ब्लॉक डील के चलते 20 फीसदी उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए और इसी अपर सर्किट पर यह बंद भी हुआ। यह इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयर आज 20 फीसदी की बढ़त के साथ BSE पर 222.40 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं। इसका फुल मार्केट कैप 12,269.54 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयर इस साल 33 फीसदी से अधिक मजबूत हुए हैं। पिछले साल 14 अगस्त 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 105.40 रुपये पर था यानी कि 10 महीने में यह 111 फीसदी मजबूत हुआ है।

किस भाव पर हुई RCF के शेयरों की ब्लॉक डील

आरसीएफ के शेयरों की ब्लॉक डील 221 रुपये के औसत भाव पर हुई है। इसके तहत 1.2 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ है जो कंपनी की 2.1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी के बराबर है। एक्सचेंजों पर मौजूद आंकड़ों से 257 करोड़ रुपये के इस सौदे का खुलास तो हुआ लेकिन अभी यह नहीं पता चला कि इसके तहत किसने शेयर बेचे और किसन खरीदे।


फर्टिलाइजर्स स्टॉक्स को GST की बैठक से मिल रहा सपोर्ट

खाद कंपनियों के शेयर इस समय रॉकेट बने हुए हैं। इसकी वजह ये है कि जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में 22 जून को बैठक होनी है और इस बैठक से उम्मीद लगाई जा रही है कि स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों पर खाद पर जीएसटी कम जा सकती है। हालांकि सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उशके मुताबिक फिटमेंट कमेटी ने इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है। फिटमेंट कमेटी का मानना है कि फर्टिलाइजर्स, केमिकल्स और न्यूट्रिएंट्स पर पूरी छूट दी जाएगी तो इससे ड्यूटी इंवर्जन की स्थिति आ जाएगी और इंडस्ट्री में पूंजी की किल्लत हो जाएगी।

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