Stocks To Buy: इस टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का शेयर लगा सकता है 190% की छलांग, मोतीलाल ओसवाल ने बताई बड़ी वजह

Stocks To Buy: मोतीलाल ओसवाल ने 'बुल केस' यानी तेज वाली स्थिति में स्टॉक के लिए 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। इस टारगेट प्राइस का मतलब यह है कि शेयर में पिछले बंद भाव से 190 प्रतिशत की तेज़ी आ सकती है

अपडेटेड Nov 05, 2026 पर 12:38 PM
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मोतीलाल ओसवाल ने 'बुल केस' यानी तेज वाली स्थिति में स्टॉक के लिए 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है।

Redington Share Price: टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंगटन लिमिटेड (Redington) के शेयर में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग देते हुए इसके लिए ₹500 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से 36 फीसदी तेजी दिखाता है। वहीं ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि स्टॉक अपने बुल केस सिनेरियो यानी सबसे बेहतर तेजी की स्थिति में 190 फीसदी की तेजी आ सकती है

मोतीलाल ओसवाल ने बताया कि रेडिंगटन एक पारंपरिक हार्डवेयर रीसेलर से बदलकर मोबिलिटी, कंप्यूटिंग, नेटवर्किंग, सॉफ्टवेयर, क्लाउड और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस प्रदाता बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि OEM के साथ इसके मजबूत संबंध और व्यापक भौगोलिक उपस्थिति इसे बढ़ती टेक्नोलॉजी खर्च और एंटरप्राइज डिजिटलीकरण का फायदा उठाने की स्थिति में लाती है।

मोतीलाल ओसवाल ने क्या दिया तर्क


मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, रेडिंगटन का व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, साझेदारों का बड़ा इकोसिस्टम, OEM के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंध और इन्वेंट्री तथा रिसीवेबल जोखिमों को प्रबंधित करने की क्षमता ये कुछ ऐसे प्रमुख कारक हैं जो कंपनी को competitive advantage प्रदान करते हैं।

कंपनी का 'सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस ग्रुप' (SSG) ग्रोथ ड्राइवर के रूप में उभर रहा है। यह कंपनी की टॉपलाइन को वित्तीय वर्ष 2023-2026 के दौरान 27% की CAGR हासिल करने में मदद कर रहा है। इसे 74% के 'रिकरिंग रेवेन्यू' (लगातार मिलने वाले राजस्व) और 5.5% से 6% के ग्रॉस मार्जिन का समर्थन प्राप्त है, जबकि इस उद्योग का औसत ग्रॉस मार्जिन 4.9% है।

मोतीलाल ओसवाल ने आगे कहा कि भारतीय SMEs के बीच क्लाउड को अपनाने की कम दर और मजबूत वेंडर साझेदारियां, साथ ही 'क्रॉस-सेलिंग' (अन्य उत्पाद बेचने) के अवसर, रेडिंगटन के लिए निरंतर विकास को बढ़ावा देंगे और रेवेन्यू विजिबिलिटी में सुधार करेंगे।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी वित्तीय वर्ष 2026-2029 के दौरान मजबूत ग्रोथ हासिल कर सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण इसके 'सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस ग्रुप' (SSG) का विस्तार और इसके मुख्य डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में बनी हुई तेजी है। मोतीलाल ओसवाल के अनुमान के अनुसार, इस अवधि में रेडिंगटन का रेवेन्यू 23% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है, EBITDA में 28% की बढ़ोतरी हो सकती है, और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 27% की CAGR देखने को मिल सकती है।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने नोट में यह भी कहा है कि "SSG का बढ़ता योगदान, कम मार्जिन वाले डेटा सेंटर सौदों, मोबिलिटी मिक्स में बढ़ोतरी और तुर्की में मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियों के कारण मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद करेगा।"

मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषण के अनुसार, रेडिंगटन के लिए कुछ प्रमुख जोखिम भी हैं। इनमें हार्डवेयर डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का कम मार्जिन वाला होना, वर्किंग कैपिटल की अधिक जरूरत, प्रमुख ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर निर्भरता, करेंसी में उतार-चढ़ाव और मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियां शामिल हैं।

बुल केस में शेयर देगा 190% का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल ने 'बुल केस' यानी तेज वाली स्थिति में स्टॉक के लिए 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। इस टारगेट प्राइस का मतलब यह है कि शेयर में पिछले बंद भाव से 190 प्रतिशत की तेज़ी आ सकती है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि AI के बढ़ते चलन, प्रीमियम उत्पादों की मांग और क्लाउड तकनीक को अपनाने (क्लाउडिफिकेशन) के चलते SSG, mSG और TSG व्यवसायों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। इससे कंपनी के रेवेन्यू और कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी से मार्जिन का बढ़ना, रेवेन्यू में 35% से अधिक की CAGR और मार्जिन में 160 बेस पॉइंट्स का विस्तार शामिल है। इन सब के चलते, कंपनी के वैल्युएशन में सुधार (री-रेटिंग) होकर यह एक साल आगे की कमाई के 20 गुना (20x) के स्तर पर पहुंच सकता है।

बता दें कि इस स्टॉक पर नजर रखने वाले सभी 8 एनालिस्टों ने इसे 'खरीदने' (buy) की रेटिंग दी है, जिससे यह एक 'कन्सेन्सस बाय' (सभी की सहमति से खरीदारी) वाला स्टॉक बन गया है। एनालिस्टों के प्राइस टारगेट के अनुमानों के अनुसार, मौजूदा स्तर से इसमें 23% तक की तेजी की संभावना है।

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