शेयर बाजार में अफसोस करना बीमारी है, सट्टा छोड़कर निवेश की तरफ बढ़ने से हुआ फायदा- विजय केडिया
विजय केडिया ने अपने शेयर बाजार में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सट्टे में मां के गहने बेचने तक की नौबत आ गई थी। एक वक्त मुझ पर ऐसा भी आया जब बच्चे का दूध खरीदने के पैसे नहीं थे। इसके बाद सट्टा छोड़कर निवेश की तरफ मेरा रुझान बना जो भी आज भी बरकरार है। बच्चे के दूध और मां के गहने वाली घटना से स्टॉप लॉस की सीख मिली
विजय केडिया ने कहा कि उनके निवेश किये हुए शेयर्स में Cera Sanitary के शेयर ने उन्हें 16,000 गुना रिटर्न दिया।
आज से हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी आवाज़ पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण पोडकास्ट (Podcast) की शुरुआत हुई है। इसे चैनल के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने माई इनवेस्टमेंट जर्नी का नाम दिया। आज से शुरू हुए इस पहले पोडकास्ट में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशकों में से एक माने जाने वाले विजय केडिया ने अनुज सिंघल से बातचीत में कहा कि शेयर बाजार में निराश होकर रुकना नहीं चाहिए। शेयर बाजार में अफसोस करते रहना एक बीमारी है। इससे बाहर निकलना चाहिए। सट्टा लगाने से बाजार में पैसा नहीं बनता है। सट्टा छोड़कर निवेश करने से मुझे फायदा हुआ है। पेश है उनसे लंबी बातचीत के प्रमुख संपादित अंश-
कैसे शुरू हुई विजय केडिया की निवेश यात्रा?
विजय केडिया ने कहा कि 19 साल पहले शेयर बाजार में उतरे। फ्यूचर्स ट्रेडिंग के साथ बाजार में उतरे थे। सट्टा करने की सोच से फ्यूचर्स ट्रेडिंग शुरू की थी। शुरुआत में फ्यूचर्स ट्रेडिंग में मेरा पैसा बना लेकिन बाद में फ्यूचर्स ट्रेडिंग ने मुझे कंगाल कर दिया।
सट्टे से निवेश की यात्रा कैसे हुई?
केडिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सट्टे में मां के गहने बेचने तक की नौबत आई। उस दिन शेयर बाजार छोड़ने की कसम खाई। लेकिन कुछ दिन बाद फिर शेयर बाजार में वापसी हुई। एक वक्त मुझ पर ऐसा भी आया जब बच्चे का दूध खरीदने के पैसे नहीं थे। इसके बाद निवेश की तरफ मेरा रुझान बना जो भी आज भी बरकरार है। बच्चे के दूध और मां के गहने वाली घटना से स्टॉप लॉस की सीख मिली।
विजय केडिया का शुरुआती निवेश क्या रहा?
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि शुरुआत में निवेश की कोई बात नहीं करता था। बाजार की जानकारी मिलने की जगह भी कम थी। मैगजीन, अखबार से कंपनी की जानकारी जुटाते थे। पंजाब ट्रैक्टर में 35,000 रुपये का पहला निवेश किया था। पंजाब ट्रैक्टर 1-2 साल में 5-7 गुना हो गया। मेरा मानना है कि कामयाबी के लिए मानसिक मजबूती जरूरी होती है।
निवेश के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निवेश से शेयर बाजार में पैसा बनता है। शेयर होल्ड करने पर भी पैसा बनता है। रोज शेयर की चाल देखकर तनाव नहीं लेना चाहिए। मैंने लंबी अवधि और क्वालिटी शेयर की अहमियत समझी और उनमें निवेश किया।
मल्टीबैगर का किस्मत कनेक्शन?
किस्मत की बात पर विजय केडिया ने कहा कि 2-3 बार भाग्य आपका साथ देगा। लेकिन इसके साथ आपको सीख भी देगा। सीख अगर आप भूल गए तो भाग्य भी आपका साथ छोड़ देगा। मैंने पंजाब ट्रैक्टर के शेयर से कमाए पैसे ACC में लगाए। ACC का निवेश बढ़कर 10 गुना हो गया।
क्या मल्टीबैगर से पहले निकलने से दुख होता है?
मल्टीबैगर से पहले निकलन पर का दुख मैं नहीं मनाना चाहिए। मेरा मानना है कि शेयर बाजार में अफसोस करना एक बीमारी है। उन्होंने गाने के अंदाज में अपनी बात को रखते हुए कहा कि 'जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया'।
विजय केडिया का सबसे शानदार निवेश क्या रहा?
उन्होंने कहा इस लिहाज से देखें तो Leading Edge में मेरा काफी पैसा बना। Leading Edge में 50 रुपये का निवेश 700-800 रुपये हो गया। इसके साथ ही मैंने 2003-05 के बीच 3 मल्टीबैगर पकड़े। Aegis Logistics, Atul Auto, Cera Sanitary में निवेश किया। इन तीनों शेयरों में 100 गुना का रिटर्न बना।
इसके अलावा मुझे सबसे ज्यादा रिटर्न Cera Sanitary में मिला इस शेयर ने 16,000 गुना रिटर्न दिया। लेकिन मैं निवेश करने के बाद शेयर को बेचता नहीं हूं। पोर्टफोलियो को देखकर खर्च भी नहीं करता हूं। पोर्टफोलियो को देखकर घमंड भी नहीं करता हूं।
निवेश में कहां गलती हुई?
निवेश में गलती को स्वीकार करते हुए विजय केडिया ने कहा कि Stewarts and Lloyds में मेरा निवेश गलत रहा। इसके अलावा GMDC से जल्दी निकलना बड़ी भूल रही। एक पूर्व IAS ने GMDC से निकलने की सलाह दी थी। इससे बाहर निकलते ही GMDC दोगुना हो गया।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)