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रिटेल निवेशकों को अब गिरावट से नहीं लगता डर, एफआईआई नहीं रहे बाजार के मेन ड्राइवर : समित वर्तक

रेग्यूलेशंस में बदलाव और कम मार्जिन के बावजूद वर्तक भारतीय बाजार को लेकर आशावादी बने हुए हैं। उनका मानना है कि बाजार को आगे इकोनॉमी की मजबूती और बाजार में लगातार बढ़ती रिटेल निवेशकों की भागीदारी का फायदा मिलेगा। हालांकि उन्होंने माइक्रो-कैप एसएमई सेगमेंट के बारे में अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि यह एक तुलनात्मक रूप से अस्थिर बाजार है। यहां निवेशक सावधान नहीं रहने पर नुकसान उठा सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 23, 2023 पर 2:47 PM
रिटेल निवेशकों को अब गिरावट से नहीं लगता डर, एफआईआई नहीं रहे बाजार के मेन ड्राइवर : समित वर्तक
समित वर्तक ने माइक्रो-कैप एसएमई सेगमेंट के बारे में अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि यह एक तुलनात्मक रूप से अस्थिर बाजार है। यहां निवेशक सावधान नहीं रहने पर नुकसान उठा सकते हैं

सेज वन (Sage One) के फाउंडर पार्टनर और सीआईओ समित वर्तक का कहना है कि खुदरा निवेशकों की बाजार की समझ बेहतर हो रही है। उनको अब बीच में आने वाली गिरावट से डर नहीं लगता। बाजार की अपनी समझ के दम पर रिटेल निवेशकों ने स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में अपनी भागीदारी बढ़ा दी है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि रिटेल निवेशक बाजार में देर से प्रवेश करते हैं। इसके अक्सर बाजार में गिरावट का संकेत माना जाता। हालांकि, अब यह स्थिति बदल रही है। वर्तक ने इस बात पर जोर दिया कि इस बार की तेजी में रिटेल निवेश देर से नहीं आए, बल्कि उनकी वजह से ही तेजी आई है। उन्होंने का कि हाल के दिनों में रिटेल निवेशकों की तरफ से जोरादार खरीदारी आई है। खासकर कोविड-19 महामारी के बाद तो रिटेल निवेशकों की बाजार हिस्सेदारी कुछ ज्यादा ही बढ़ी है।

नए, निडर भारतीय रिटेल निवेशक

वर्तक ने मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में कहा, "कोविड के बाद बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी निश्चित रूप से बढ़ी है। लार्ज-कैप शेयरों की तुलना में रिटेल निवेशक स्मॉल-कैप और मिड-कैप सेगमेंट में निवेश कर रहे हैं।" उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हाल के दिनों में स्मॉल-कैप फोलियो में जोरदार बढ़त देखने को मिली है। इसकी वजह संभवतः रिटेल निवेशकों की बढ़ती बाजार भागीदारी है।

वर्तक ने नियमों में हुए उन बदलावों पर भी बात की जिसके चलते पिछले साइकिल की तुलना में बाजार में उपलब्ध मार्जिन कम हो गया है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में कीमतें बढ़ाने के लिए किसी बड़े ट्रिगर का अभाव है। पिछले साल स्मॉल कैप में 33 फीसकी की गिरावट के बावजूद भी रिटेल निवेशक बाजार में बिना घबराए बने रहे और घबराए नहीं। इससे संकेत मिलता है बाजार में गिरावट का डर अब रिटेल निवेशकों को बाजार से दूर नहीं कर सकता है।

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