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निफ्टी 500 के इन स्टॉक्स ने कम समय में दिया जोरदार रिटर्न, क्या आपने भी लगा रखा है दांव?

इलेक्ट्रिक बस बनाने वाली कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक में पब्लिक शेयर होल्डर बेस 1100 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशक कंपनी की ओर आकर्षित हुए हैं। एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी लगभग 8.5 फीसदी तक बढ़ा दी है जो 2019 में केवल 3 फीसदी थी। दूसरी ओर, ओलेक्ट्रा के प्रमोटरों ने कंपनी में अपनी लगभग 11 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 50 फीसदी कर दी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 17, 2023 पर 4:53 PM
निफ्टी 500 के इन स्टॉक्स ने कम समय में दिया जोरदार रिटर्न, क्या आपने भी लगा रखा है दांव?
प्राइम डेटाबेस के आकंड़ों से पता चलता है कि पिछले चार सालों में दीपक नाइट्राइट के पब्लिक शेयर होल्डर बेस में 1200 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हुई है

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद भी शेयर बाजार में डीमैट खातों की संख्या में जोरदार बढ़त देखने को मिली है। इस लहर में खुदरा निवेशकों की एक ऐसी कटेगरी ने बाजार में कदम रखा है जिन्होंने न केवल लार्जकैप शेयरों के लिए बल्कि उन शेयरों पर भी दांव लगाया है जो कम समय में अच्छा रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। यहां हमने ऐसे स्टॉक्स की एक सूचि तैयार की है जिनमें हाल के सालों में रिटेल निवेशकों ने खूब जनकर खरीदारी की है और जिनके पब्लिक शेयर होल्डर बेस में भारी बढ़त हुई है। आइए इन शेयरों पर डालते हैं एक नजर।

दीपक नाइट्राइट (Deepak Nitrite) : प्राइम डेटाबेस के आकंड़ों से पता चलता है कि पिछले चार सालों में दीपक नाइट्राइट के पब्लिक शेयर होल्डर बेस में 1200 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हुई है। जबकि एफआईआई और डीआईआई कंपनी में आंशिक हिस्सेदारी बेच रहे हैं। दीपक नाइट्राइट के प्रमोटरों ने इस अवधि में अपनी हिस्सेदारी 45.69 फीसदी से बढ़ाकर 49.13 फीसदी कर ली है। 2021 में, स्टॉक 3000 रुपये के करीब पहुंच गया था जो 2019 में कोविड से पहले दर्ज किए गए स्तरों से लगभग 650 फीसदी ज्यादा है।

ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक (Olectra Greentech) : ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि इलेक्ट्रिक बस बनाने वाली कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक में पब्लिक शेयर होल्डर बेस 1100 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशक कंपनी की ओर आकर्षित हुए हैं। एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी लगभग 8.5 फीसदी तक बढ़ा दी है जो 2019 में केवल 3 फीसदी थी। दूसरी ओर, ओलेक्ट्रा के प्रमोटरों ने कंपनी में अपनी लगभग 11 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 50 फीसदी कर दी है। हैदराबाद स्थित ये कंपनी जेबीएम ऑटो, टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।

टाटा पावर (Tata Power) : प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से इस स्टॉक में पब्लिक शेयरधारकों की संख्या में 1006 फीसदी की बढ़त हुई है। एफआईआई और डीआईआई कंपनी में शेयर बेच रहे हैं। दोनों ने टाटा पावर में अपनी हिस्सेदारी लगभग आधी कर दी है। सरकार ने भी शेयर बेचे हैं और वर्तमान में उसके पास कंपनी की लगभग 0.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है। लगभग 81,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ पिछले 10 साल में कंपनी की सेल्स में सालाना आधार पर करीब 5 फीसदी की बढ़त हुई है।

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