RIL share price: रिलायंस के न्यू एनर्जी कारोबार में 2050 तक होगी 10 गुने की बढ़त, रूसी कच्चे तेल से हो रहा मुनाफा

RIL share price: बर्नस्टीन को उम्मीद है कि आरआईएल 2030 में नए ऊर्जा कारोबार से संभावित रूप से 10 अरब डॉलर की कमाई करेगी जो टीएएम (कुल एड्रेसेबल मार्केट) का 40 फीसदी होगा। उसका ये भी मानना है कि 2030 तक RIL का सौर, बैटरी और हाइड्रोजन बाजार में क्रमशः 60 फीसदी, 30 फीसदी और 20 फीसदी हिस्सेदारी होगी

अपडेटेड Jun 13, 2023 पर 6:35 PM
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RIL share price: बर्नस्टीन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024 तक कंपनी के O2C करोबार का EBITDA 63000 करोड़ रुपये हो सकता है।
     
     
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    RIL share price: फाइनेंशिल सर्विसेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) का कहना है कि भारत का क्लीन एनर्जी सेक्टर रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक के लिए अगले अहम ट्रिगर का काम करेगा। बर्नस्टीन ने आगे कहा कि भारत का क्लीन एनर्जी सेक्टर 2050 तक 200 अरब डॉलर का हो जाएगा। इस अवधि तक इस सेक्टर में 2 लाख करोड़ डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। इस फर्म ने 9 जून के जारी अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि वर्तमान में कंपनी के एक शेयर में क्लीन एनर्जी कारोबार का हिस्सा करीब 200 रुपए है। लेकिन आगे इस हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की व्यापक संभावना है। इस समय कंपनी के शेयर का भाव 2500 रुपए प्रति शेयर के आसपास है। इसमें कंपनी के क्लीन एनर्जी कारोबार की हिस्सेदारी 8 फीसदी (200 रुपए) के आसपास है।

    बर्नस्टीन को उम्मीद है कि आरआईएल 2030 में नए ऊर्जा कारोबार से 10 अरब डॉलर की कमाई करेगी जो टीएएम (कुल एड्रेसेबल मार्केट) का 40 फीसदी होगा। उसका ये भी मानना है कि 2030 तक RIL की सौर, बैटरी और हाइड्रोजन बाजार में क्रमशः 60 फीसदी, 30 फीसदी और 20 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

    बर्नस्टीन के नील बेवरिज और राहुल मल्होत्रा का कहना है कि आरआईएल हर शेयर में न्यू एनर्जी कारोबार की हिस्सेदार 2050 तक 1200-2200 रुपये या मौजूदा हिस्सेदारी से 10 गुना ज्यादा हो सकती है।


     वित्त वर्ष 2024 में O2C करोबार का EBITDA 63000 करोड़ रुपये पर रहने की संभावना

    बर्नस्टीन की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल-टू-केमिक (O2C) कारोबार को कम लागत वाले रूसी कच्चे तेल से लाभ मिलना जारी है। रूसी यूराल तेल दुबई तेल के मुकाबले 20-25 फीसदी सस्ता मिल रहा है। इससे कंपनी रिफाइनिंग मार्जिन में 6-8 डॉलर प्रति बैरल का फायदा मिल रहा है। बर्नस्टीन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024 तक कंपनी के O2C करोबार का EBITDA 63000 करोड़ रुपये हो सकता है।

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     बर्नस्टीन ने  दी "आउटपरफॉर्म" रेटिंग

    मजबूत बैलेंस शीट और फ्री कैश फ्लो की संभावनाओं को देखते हुए बाजार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की फंडिंग क्षमताओं पर भरोसा है। कंपनी की योजना अपने नेट डेट -टू-एबिटडा रेशियो को 1x से कम (FY23 में 0.6x) पर बनाए रखने की है। अपने इस विश्लेषण के आधार पर बर्नस्टीन ने आरआईएल को 3040 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की चाल की बात करें तो आज ये शेयर एनएसई पर 36.70 रुपए यानी 1.48 फीसदी की बढ़त के साथ 2520.85 रुपए पर बंद हुआ है। स्टॉक का दिन का लो 2486.25 रुपए और दिन का हाई 2523.45 रुपए है।

     

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