प्रमोटर्स और इनवेस्टर्स में से कौन ज्यादा पैसे कमाता है? दिग्गज निवेशक समीर अरोड़ा के एक ट्वीट से शुरू हुई नई बहस

अरोड़ा हेलियोस कैपिटल के फंड मैनेजर हैं। उनके ट्वीट में कहा गया है कि यह इनवेस्टर्स हैं, जो कंपनियों के प्रमोटर्स को अमीर बनाते हैं, न कि प्रमोटर्स इनवेस्टर्स को अमीर बनाते हैं। उनके इस ट्वीट से कई लोग प्रमोटर्स के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं। दरअसल, अरोड़ा ने ट्वीट में कहा है कि यह गलत धारणा है कि प्रमोटर्स निवेशकों को अमीर बनाते हैं

अपडेटेड Oct 05, 2023 पर 6:19 PM
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अरोड़ा के इस पोस्ट के जवाब में सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रिया आई हैं।

दिग्गज इनवेस्टर समीर अरोड़ा (Samir Arora) के एक ट्वीट से नई बहस शुरू हो गई है। इसका विषय संपत्ति कमाने से जुड़ा है। सवाल है कि कंपनी के प्रमोटर ज्यादा पैसे बनाते हैं या कंपनी के निवेशक। अरोड़ा हेलियोस कैपिटल के फंड मैनेजर हैं। उनके ट्वीट में कहा गया है कि यह इनवेस्टर्स हैं, जो कंपनियों के प्रमोटर्स को अमीर बनाते हैं, न कि प्रमोटर्स इनवेस्टर्स को अमीर बनाते हैं। उनके इस ट्वीट से कई लोग प्रमोटर्स के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं। दरअसल, अरोड़ा ने ट्वीट में कहा है कि यह गलत धारणा है कि प्रमोटर्स निवेशकों को अमीर बनाते हैं। हकीकत यह है कि इनवेस्टर्स प्रमोटर्स को अमीर बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रमोटर्स कंपनी की कमाई के लिए जिम्मेदार हैं और इनवेस्टर्स P/E के आधार पर फैसले लेते हैं। चूंकि, स्पेकुलेशन, हाइप, डिस्पेयर P/E में ज्यादा नजर आता है, जिससे हकीकत में इनवेस्टर्स यह तय करते हैं कि प्रमोटर्स को अमीर बनाना है या नहीं।

उन्होंने एक फॉर्मूला के संबंध में यह बात कही है। यह फॉर्मूला है P=P/E x E। इसमें P का मतलब प्राइस है। यह ऐसा फॉर्मूला है जिसमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स भरोसा करते हैं। राकेश झुनझुनवाला भी इसमें यकीन रखते थे। अरोड़ा के इस पोस्ट के जवाब में सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रिया आई हैं। एक यूजर ने लिखा है, "सर, कृपया रिटेल इनवेस्टर्स को यह बताकर भ्रमित नहीं करें कि इनवेस्टर्स प्रमोटर्स को अमीर बनाते हैं।"


यूजर ने कहा है कि पहले प्रमोटर को रिस्क लेना पड़ता है। अपनी सेविंग्स का इस्तेमाल करना होता है। लंबी अविधि के लिए कमाई करती रही, इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। उसके बाद ही इनवेस्टर्स को कंपनी की कमाई के बदले में मुनाफा होता है। इसके जवाब में अरोड़ा ने कहा है कि वेल्थ P/E से आता है। सवाल है कि कितना P/E? दरअसल, अमीर होने और संपत्ति कमाने में फर्क है। अमीरी अर्निंग्स से आती है, जबकि कमाई मल्टीपल से होती है।

एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि कंपनी की कमाई के लिए प्रमोटर को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। उसने कहा है कि अर्निंग्स होती रहे, इसके लिए उसे कड़ी मेहनतर करनी पड़ती है। अरोड़ा ने इसके जवाब में लिखा है कि आपको ट्विटर क्राउड की विनम्रता के लिए क्रेडिट देनी होगी। अगर मैं यह कहता हूं कि प्रमोटर्स को हम अमीर बनाते हैं तो ऐसे कई लोग हैं जो प्रमोटर्स के पक्ष में खड़े नजर आते हैं।

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