
ऑटो कंपोनेंटे्स बनाने वाली कंपनी सोना बीएलडब्ल्यू प्रीसिजन फोर्जिंग्स लिमिटेड ( Sona BLW Precision Forgings Ltd) ने बताया कि उसके शेयरधारकों ने प्रिया सचदेव कपूर (Priya Sachdev Kapur) को 99.44% वोटों के साथ कंपनी के नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी शुक्रवार 25 जुलाई को शेयरधारकों की सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में दिया गया। कंपनी ने बताया कि AGM में इसके अलावा रखे गए दूसरे सभी प्रस्तावों को भी जरूरी बहुमत के साथ पारित किया गया।
कंपनी के चेयरमैन और उनके पति संजय कपूर के आकस्मिक निधन के बाद जून 2025 में प्रिया सचदेव कपूर को सोना कॉमस्टार के बोर्ड में अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में शामिल किया गया था।
पति संजय कपूर की आकस्मिक मौत
प्रिया सचदेव कपूर को जून 2025 में सोना BLW के चेयरमैन और उनके पति संजय कपूर के आकस्मिक निधन के बाद एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर कंपनी के बोर्ड में शामिल किया गया था।
उनकी नियुक्ति कंपनी की प्रमोटर संस्था 'ऑरियस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड' की ओर से की गई थी और कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेमुनेरेशन कमिटी ने भी इस पर सहमति जताई थी।
रानी कपूर ने AGM पर उठाए सवाल
कंपनी के फाउंडर सुरिंदर कपूर की पत्नी और पूर्व चेयरपर्सन रानी कपूर ने शुक्रवार को बोर्ड को एक लेटर लिखकर AGM बैठक को कम से कम दो हफ्तों के लिए टालने की मांग की थी। रानी कपूर ने इस लेटर में आरोप लगाया था कि संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनसे मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर स्थिति में कुछ दस्तावेजों पर दबाव में हस्ताक्षर करवाए गए, और कहा कि "कुछ लोग इस समय का इस्तेमाल उनकी पारिवारिक विरासत को हड़पने की कोशिश में कर रहे हैं।"
रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि वे उसे कंपनी सहति पूरे सोना गुप्र की मेजॉरिटी शेयरधारक हैं और उन्होंने इसके लिए कंपनी के फाउंडर सुरिंदर कपूर की 30 जून 2015 को लिखी वसीयत का हवाला दिया।
उन्होंने यह भी साफ कि उन्होंने अपने बेटे संजय कपूर के निधन के बाद कंपनी के बोर्ड या सोना ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में शामिल होने के लिए किसी भी व्यक्ति को आधिकारिक रूप से नामित करने की सहमति नहीं दी है। न ही किसी भी व्यक्ति को अपना प्रतिनिधित्व करने का अधिकार दिया है।
कंपनी का जवाब
Sona Comstar ने रानी कपूर के दावों को खारिज करते हुए एक स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी किया। कंपनी ने कहा कि रानी कपूर 2019 से कंपनी की शेयरधारक नहीं हैं, इसलिए उनकी AGM को स्थगित करने की मांग का कोई कानूनी आधार नहीं है।
कंपनी ने यह भी साफ किया कि संजय कपूर के निधन के बाद रानी कपूर से कोई दस्तावेज साइन नहीं करवाए गए और उनकी सहमति से कोई प्रतिनिधि नामित नहीं किया गया है।
शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर
कंपनी की शेयरधारिता होल्डिंग स्ट्रक्चर के मुताबिक, कंपनी की 71.98% हिस्सेदारी पब्लिक इन्वेस्टर्स के पास हैं। वहीं बाकी 28.02% हिस्सेदारी, 'ऑरियस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड' के पास हैं, जो प्रमोटर कंपनी है।
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