NSE के आईपीओ में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है एसबीआई, चेयरमैन ने दी जानकारी

एसबीआई और उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैप्स की एनएसई में हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 43,500 करोड़ रुपये है। देश के सबसे बड़े बैंक ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया। नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट आई

अपडेटेड May 08, 2026 पर 6:58 PM
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बैंक का शेयर 6.74 फीसदी गिरकर 1018 रुपये पर बंद हुआ।

एनएसई के आईपीओ में एसबीआई अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है। एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने 8 मई को यह बताया। देश के सबसे बड़े बैंक ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया। नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट आई।

SBI जरनल इंश्योरेंस को लिस्ट कराने का अभी प्लान नहीं

सेट्टी ने कहा कि एसबीआई का एसबीआई जनरल इंश्योरेंस को शेयर बाजारों में लिस्ट कराने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसबीआई और उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैप्स की एनएसई में हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 43,500 करोड़ रुपये है।


ये इनवेस्टर्स भी एनएसई में बेच सकते हैं हिस्सेदारी

सूत्रों ने पिछले महीने रायटर्स को बताया था कि सिंगापुर सरकार की इनवेस्टमेंट कंपनी टेमासेक कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड सहित करीब 20 इनवेस्टर्स एनएसई के आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। एनएसई ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। यह इस साल शेयर बाजारों पर लिस्ट हो सकता है।

एसबीआई के चौथी तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर

एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। बैंक के मार्च तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। बैंक चौथी तिमाही में प्रॉफिट का गाइडेंस पूरा नहीं कर पाया। इसकी वजह ट्रेडरी इनकम में गिरावट है। इस वजह से नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बैंक का शेयर 6.74 फीसदी गिरकर 1018 रुपये पर बंद हुआ।

बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट बढ़कर 19,684 करोड़

मार्च तिमाही में एसबीआई का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 18,643 करोड़ रुपये था। एनालिस्ट्स ने बैंक का प्रॉफिट 203.12 अरब रुपये रहने का अनुमान जताया था। बैंक के अन्य आय में 29 फीसदी गिरावट आई। इसका असर प्रॉफिट पर दिखा।

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चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट 

एसबीआई की नेट इंटरेस्ट इनकम मार्च तिमाही में 4.1 फीसदी बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये रही। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन घटकर 2.8 फीसदी पर आ गया। दिसंबर तिमाही में यह 2.98 फीसदी था, जबकि एक साल पहले की मार्च तिमाही में 2.99 फीसदी था। बैंक ने फरवरी में अपना क्रेडिट ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ाकर 13-15 फीसदी कर दिया था। पहले उसने FY26 के लिए 12-14 फीसदी का फोरकास्ट दिया था।

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