भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.27 प्रतिशत बढ़कर 23037.95 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 20159.67 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर 49,142 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 42,847 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन (डोमेस्टिक) 3.11 प्रतिशत रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 3.08 प्रतिशत था।
बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में उसकी कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 143796 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 134979.47 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7.28 प्रतिशत बढ़कर 34,226 करोड़ रुपये हो गया।
एसेट क्वालिटी में और सुधार
सितंबर 2026 तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में और सुधार आया है। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो गिरकर 1.39 प्रतिशत रह गया। एक साल पहले यह 1.73 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.36 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 0.42 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी NPA रेशियो में गिरावट है। एसेट्स पर रिटर्न 1.19 प्रतिशत रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 1.17 प्रतिशत था।
सितंबर 2026 तिमाही के आखिर तक SBI के ग्रॉस एडवांसेज 60,05,805.24 करोड़ रुपये के रहे। यह आंकड़ा एक साल पहले के 44,19,674 करोड़ रुपये से लगभग 18 प्रतिशत ज्यादा है। डिपॉजिट 12.27 प्रतिशत बढ़कर 62,77,919 करोड़ रुपये के रहे। सितंबर 2025 तिमाही में ये 55,91,700 करोड़ रुपये के थे।
SBI के शेयर में 3 नवंबर को गिरावट है। शेयर दिन में BSE पर 1.8 प्रतिशत तक गिरकर 968.85 रुपये के लो तक गया। बैंक का मार्केट कैप 8.99 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह 6 महीनों में 12 प्रतिशत गिरा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।