मर्चेंट बैंकर्स से कहा गया है कि वे प्री-आईपीओ (pre-IPO) और पोस्ट-आईपीओ (post-IPO) के लिए तैयार दस्तावेजों को स्टॉक एक्सचेंजों की ऑनलाइन रिपॉजिटरी में अपलोड करें। सेबी की तरफ से 5 दिसंबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक, ये दस्तावेज सिर्फ संबंधित मर्चेंट बैंकर को ही उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन निगरानी के लिए इन दस्तावेजों को मार्केट रेगुलेटर को भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सेबी ने अपने सर्कुलर में कहा है, 'पब्लिक इश्यू के ड्यू डिलिजेंस के दौरान मर्चेंट बैंकर्स द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स के बेहतर मेंटेनेंस के लिए स्टॉक एक्सचेंजों ने ऑनलाइन डॉक्युमेंट रिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म स्थापित किया है, जो मर्चेंट बैंकर्स को संबंधित दस्तातवेजों को अपलोड और मेंटेन करने की सुविधा मुहैया कराएगा। डॉक्युमेंट रिपॉजिटिरी प्लेटफॉर्म का मकसद पब्लिक इश्यू प्रोसेस से जुड़े दस्तावेजों का आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिन्हें मर्चेंट बैंकर्स को मेंटेन करना पड़ता है।'
स्टॉक एक्सचेंजों से कहा गया है कि वे मर्चेंट बैंकर्स को अपलोड किए जाने वाले संबंधित दस्तावेजों की लिस्ट के बारे में जानकारी दें, जो एसोसिएशन ऑफ इनवेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (AIBI) की मदद से तैयार किए जाते हैं। मर्चेंट बैंकर्स यह सुनिश्चित करेंगे कि दस्तावेज पूर्ण और सही हों।
स्टॉक एक्सचेंजों के डॉक्युमेंट रिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म में दस्तावेज अपलोड करने में मर्चेंट बैंकर्स को इस समयसीमा का पालन करने को कहा गया है:
- सेबी/स्टॉक एक्सचेंजों को ड्राफ्ट ऑफर डॉक्युमेंट सौंपने के 20 दिनों के अंदर।
- स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग में की तारीख के 20 दिनों के भीतर।
- सेबी/स्टॉक एक्सचेंजों को ड्राफ्ट ऑफर डॉक्युमेंट सौंपने के 10 दिनों के भीतर।
- स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग की तारीख से 10 दिनों के भीतर।
मर्चेंट बैंकर्स द्वारा अपने लॉग इन आई़डी के जरिये संबंधित प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों को अपलोड और मेंटेन करना चाहिए।