Austral Coke and Projects : सेबी (Sebi) ने ऑस्ट्रल कोक एंड प्रोजेक्ट्स (Austral Coke and Projects Ltd) और चार अन्य पर सिक्योरिटीज मार्केट (securities market) से छह महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई IPO से मिली धनराशि को गलत तरीके से एक प्रमोटर ग्रुप एंटिटी को हस्तांतरित करने के मामले में की गई है। सेबी के एक आदेश के मुताबिक, कंपनी को IPO से मिली 29.42 करोड़ रुपये की धनराशि को एक साल के भीतर कंपनी में वापस लाने के लिए कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं। कंपनी के मौजूदा डायरेक्टर्स से इस आदेश के कंप्लायंस में उचित कदम उठाने के लिए कह दिया गया है।
इन चार लोगों पर भी कार्रवाई
Austral Coke के अलावा, सेबी ने रतन लाल तमाखूवाला, ऋषिराज अग्रवाल, एस के चौधरी और राजेंद्र कुमार खेतान पर प्रतिबंध लगाया है। उन पर “सिक्योरिटीज मार्केट तक पहुंच से रोक और सिक्योरिटीज में खरीदारी, बिक्री या अन्य गतिविधियों, या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी भी प्रकार से सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़ने पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।”
आरोप था कि कंपनी ने लिस्टिंग एग्रीमेंट के तहत 30 सितंबर, 2008 में समाप्त तीन तिमाही के लिए तिमाही नतीजों में फंड के इस्तेमाल के बारे में गलत जानकारी दी। इसके अलावा यह भी आरोप था कि आईपीओ से हुई प्राप्तियों का एक हिस्से को गलत तरीके से प्रमोटर ग्रुप एंटिटी एनार्कोन को हस्तांतरित कर दिया गया।
Sebi ने कहा कि IPO से मिली 52.08 करोड़ रुपये की धनराशि को एलएएम कोक प्लांय की आपूर्ति और स्थापना के लिए अजीत कुमार जिंदल के नियंत्रण वाली छह एंटिटीज को हस्तांतरित किए गए। इसमें से 29.42 करोड़ रुपये Austral Coke की एक प्रमोटर ग्रुप एंटिटी Anarcon Resources को हस्तांतरित कर दिए गए।
सेबी ने अपने 76 पेज के आदेश में कहा, 29.42 करोड़ रुपये प्रमोटर ग्रुप एंटिटी को हस्तांतरित किया जाना आईपीओ से मिली धनराशि के दुरुपयोग का प्रमाण है।
Austral Coke ने अगस्त, 2008 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड हैं।