मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी को सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया है। अंसारी फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर है जो यू-ट्यूब पर 'बाप ऑफ चार्ट' के नाम से एक चैनल चलाता है। यहां वह शेयर बाजार में खरीद/बिक्री से जुड़ी सलाह देता है। अंसारी के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद सेबी ने 25 अक्टूबर को एक अंतरिम आदेश जारी कर शेयर बाजार में किसी भी तरह की डील करने पर बैन लगा दिया है। इसके साथ ही, नसीरुद्दीन अंसारी को बाजार में अनैतिक रूप से कमाए गए 17.2 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश भी दिया गया है।
बाप ऑफ चार्ट के यूट्यूब पर 443,000 से अधिक सब्सक्राइबर हैं और X (पहले ट्विटर) पर 83,000 फॉलोअर्स हैं। इसने ट्रेडिंग सिफारिशें और कोर्स भी प्रोवाइड किए हैं। मार्केट रेगुलेटर ने आरोप लगाया है कि नासिर 'एजुकेशनल कोर्स की आड़ में' ट्रेडिंग सिफारिशें प्रदान कर रहे थे, जिसके लिए शुल्क लिया गया था। यह भी आरोप है कि वह 'भ्रामक या गलत जानकारी के जरिए ग्राहकों/निवेशकों को अपने कोर्स/वर्कशॉप खरीदने के लिए लुभा रहा था।'
सेबी की जांच से पता चलता है कि नासिर को जनवरी 2021 से जुलाई 2023 तक 2.89 करोड़ रुपये का शुद्ध ट्रेडिंग लॉस हुआ, जो 20-30 फीसदी मुनाफा कमाने और 95 फीसदी सटीक होने के उनके दावों के विपरीत है।
फिनफ्लूएंसर्स पर लगाम लगा रहा है सेबी
सेबी ने पहले कई बार संकेत दिए हैं कि वह फिनफ्लूएंसर्स पर लगाम लगाने की तैयारी में है। 25 अगस्त को सेबी ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया था, जिसमें SEBI-रजिस्टर्ड इंटरमीडिएटरी या गैर-रजिस्टर्ड 'फिनफ्लूएंसर्स' के साथ विनियमित संस्थाओं के जुड़ाव को बैन करने के लिए नियमों का प्रस्ताव रखा था। बिना-रजिस्टर्ड 'फिनफ्लूएंसर्स' के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा ' पेपर में "ऐसे फिनफ्लूएंसर्स के लिए कमाई मॉडल को बाधित करने के उपाय दिए गए थे। इसके लिए सेबी ने 15 सितंबर तक लोगों से प्रस्ताव मांगे थे।