NSE IPO के लिए इसी महीने मिल सकता है NOC, SEBI चीफ ने फिर जताई उम्मीद; IFCI के शेयर 8% चमके

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। IFCI के पास SHCIL में मेजॉरिटी ओनरशिप के जरिए NSE में लगभग 2.35 प्रतिशत की इनडायरेक्ट हिस्सेदारी है। NSE ने दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था

अपडेटेड Jan 16, 2026 पर 4:30 PM
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NOC जारी होने से NSE को लिस्टिंग के लिए औपचारिक कदम उठाने की इजाजत मिल जाएगी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO के लिए NOC यानि कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट शायद इस महीने के आखिर में दे दिया जाएगा। यह बात कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के चीफ तुहिन कांत पांडेय ने एक बार फिर कही है। गुरुवार को उन्होंने कहा था कि SEBI ने को-लोकेशन केस में NSE की ओर से दाखिल सेटलमेंट याचिका को इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। इस कदम को NSE के IPO के रास्ते में आई सबसे बड़ी बाधा के हटने के तौर पर देखा जा रहा है।

NSE को-लोकेशन केस में आरोप था कि कुछ चुनिंदा ब्रोकर्स को एक्सचेंज के सिस्टम तक प्राथमिक पहुंच दी गई। लंबे कानूनी विवाद के बाद NSE ने 2025 में ₹1,388 करोड़ का भुगतान कर सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था।

शुक्रवार, 16 जनवरी को पांडेय ने संवाद 2026 ईवेंट में कहा, "पहले ही संकेत दिया गया था कि NSE IPO के लिए NOC शायद इस महीने के आखिर में दे दिया जाएगा।" NOC जारी होने से NSE को लिस्टिंग के लिए औपचारिक कदम उठाने की इजाजत मिल जाएगी, जिसमें ऑफर का ड्राफ्ट जमा करना भी शामिल है।


संवाद ईवेंट में NSE के MD और CEO आशीष चौहान ने कहा कि लिखित में NOC मिलने के बाद एक्सचेंज के IPO में कम से कम 6-8 महीने लगेंगे। NOC मिलने के बाद ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस तैयार करने में 3-4 महीने लगेंगे। SEBI के रिव्यू और पूछताछ प्रक्रिया में और 2-4 महीने लग सकते हैं। चौहान ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही या दूसरी छमाही में IPO आने का वादा करना मुश्किल है क्योंकि इस प्रक्रिया का ज्यादातर हिस्सा हमारे नियंत्रण से बाहर है।

12 प्रतिशत तक चढ़े IFCI के शेयर

SEBI चेयरमैन के बयान के बाद NSE में हिस्सेदारी के कारण IFCI के शेयर 12 प्रतिशत तक चढ़ गए। BSE पर भाव 62.98 रुपये के हाई तक चला गया। बाद में शेयर 8 प्रतिशत बढ़त के साथ 60.69 रुपये पर सेटल हुआ। IFCI का मार्केट कैप 16300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक सप्ताह में 24 प्रतिशत चढ़ चुका है। IFCI के पास अभी स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में अपनी मेजॉरिटी ओनरशिप के जरिए NSE में लगभग 2.35 प्रतिशत की इनडायरेक्ट हिस्सेदारी है। अगर NSE की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो IFCI की प्रभावी हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 13,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।

NSE में बीमा कंपनियों लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 10.72 प्रतिशत, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 1.64 प्रतिशत और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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2016 से NSE IPO की हो रही है कोशिश

NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO 8 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। NSE ने दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। पिछले साल अगस्त में, NSE ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए SEBI से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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