कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी, सरकारी बॉन्ड में निवेश करने में दिलचस्पी रखने वाले विदेशियों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाने के प्लान पर विचार कर रहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सेबी के होलटाइम मेंबर अनंत नारायण ने मुंबई में एक इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, "हम सक्रिय रूप से इस बात की जांच कर रहे हैं कि केवल भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सेबी रजिस्ट्रेशन की कुछ रिक्वायरमेंट्स को खत्म किया जा सकता है या नहीं।"
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब विदेशी निवेशक इंडेक्स-एलिजिबल बॉन्ड में लगातार पैसे लगा रहे हैं और अगस्त में 2.8 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश हुआ। यह जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी की ओर से पिछले साल की गई घोषणा के बाद सबसे अधिक निवेश है। घोषणा में जेपी मॉर्गन ने कहा था कि वह अपने प्रमुख एमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारतीय सरकारी बॉन्ड्स को शामिल करेगी। भारत का अब इंडेक्स में 3% वेट है, जिसे बढ़ाकर 10% किया जाएगा। ऐसा मार्च 2025 तक होने की उम्मीद है।
FPI के लिए एक डेडिकेटेड सेल भी बना
नारायण ने कहा कि अगर सॉवरेन वेल्थ फंड और पब्लिक रिटेल फंड्स भारत में रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं, तो सेबी इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या वह उनकी आवेदन प्रक्रिया को और आसान बना सकता है। इसके अलावा सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए एक डेडिकेटेड सेल भी बनाया है, जो पहले ही 500 से अधिक निवेशकों तक पहुंच चुका है। यह सेल, रजिस्ट्रेशन के दौरान FPI के सामने आने वाले किसी भी इश्यू को हल करने के लिए एक विंडो के रूप में काम करेगा।
भारतीय बॉन्ड्स में निवेश में तेजी
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मॉर्गन स्टेनली के निमिश प्रभुने और मिन दाई सहित एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा कि भारतीय बॉन्ड्स में निवेश में तेजी आई है क्योंकि एमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में देश का वेट बढ़ रहा है। चुनाव संबंधी अनिश्चितता का अंत और अगले महीने फेड दर में कटौती की बाजार उम्मीदें भी मदद कर रही हैं। है।