Get App

SEBI को क्या फिनफ्लूएंसर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कानून बनाने का अधिकार है?

निवेशकों के हित का ध्यान रखना सेबी की जिम्मेदारी है। पिछले कुछ समय से सेबी इस दिशा में काफी सक्रियता दिखा रहा है। मार्केट रेगुलेटर ने फिनफ्लूएंसर्स के लिए कई तरह की गाइडलाइंस जारी की है। उसने सर्कुलर के जरिए कई नए नियम भी बनाए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 20, 2024 पर 11:22 AM
SEBI को क्या फिनफ्लूएंसर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कानून बनाने का अधिकार है?
मार्केट रेगुलेटर अपनी अर्द्ध-न्यायिक शक्तियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इसके लिए सेबी एक्ट में संशोधन करना होगा। यह काम सिर्फ संसद कर सकती है।

सेबी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करीबी नजर रख रहा है। उसने 9,000 सोशल मीडिया पोस्ट्स को गैरकानूनी और भ्रामक बताया था। पिछले महीने मार्केट रेगुलेटर ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया। इसमें एक ड्राफ्ट सर्कुलर था, जिससे यह पता चला कि फिनफ्लूएंसर्स को लेकर सेबी कितना चिंतित है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म को रेगुलेट करने की सेबी की मंशा का भी पता चला। इसके अलावा मार्केट रेगुलेटर अपनी अर्द्ध-न्यायिक शक्तियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इसके लिए सेबी एक्ट में संशोधन करना होगा। यह काम सिर्फ संसद कर सकती है।

कानून बनाने की सेबी की शक्ति पर सवाल

इससे सेबी (SEBI) की शक्तियों और सर्कुलर के जरिए कानूनी फ्रेमवर्क बनाने की कोशिशों पर सवाल खड़े होते हैं। कानून बनाने की प्रक्रिया जटिल है। इसके लिए ससंद की मंजूरी जरूरी है। ऐसा लगता है कि सेबी पिछले कुछ समय से इस मामले में सक्रिय है। उसने जून 2024 में कहा था कि फिनफ्लूएंसर्स अपने फॉलोअर्स, निवेशकों और संभावित निवेशकों को ऐसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदने के लिए लुभा रहे हैं, जिसके बदले में उन्हें प्रोड्यूसर्स और प्लेटफॉर्म्स से पैसे मिलते हैं। सेबी की मुख्य चिंता निवेशकों के हित की सुरक्षा है। सेबी ने अगस्त में तीन नियमों में संशोधन किया था। इसके जरिए सेबी रजिस्टर्ड एनटिटीज और फिनफ्लूएंसर्स के बीच किसी तरह के समझौते पर प्रतिबंध लगाया गया था।

क्या सर्कुलर के जरिए नए कानून बनाए जा सकते हैं?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें