SEBI-Hindenburg controversy: जानिए हिंडनबर्ग ने कब क्या आरोप लगाए, माधबी पुरी बुच और सेबी ने कब क्या जवाब दिए
अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहले ही संकेत दे दिया था कि वह भारत से जुड़ा बड़ा खुलासा करने वाला है। 10 अगस्त को उसने सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए। उस दिन शनिवार था, जिससे मार्केट बंद था। 11 अगस्त को बुच और उनके पति धवल बुच ने हर आरोप के जवाब दिए
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 13, 2024 पर 5:02 PM
12 अगस्त को मार्केट खुलने पर अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शेयर 5-6 फीसदी तक क्रैश कर गए। लेकिन जल्द वे संभलने में कामयाब रहे।
अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त को सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच का उन ऑफशोर फंडों में निवेश था, जो अदाणी ग्रुप से जुड़े थे और जिनकी जांच सेबी कर रहा था। बुच और उनके पति के साथ ही सेबी ने अलग-अलग बयान जारी कर इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनमें कहा गया कि सेबी चेयरपर्सन ने इस बारे में सभी डिसक्लोजर किए थे और हितों का किसी तरह का टकराव नहीं था।
मनीकंट्रोल आपको 10 अगस्त को लगाए गए आरोपों के बाद से सोशल मीडिया X पर किए गए शुरुआती पोस्ट्स सहित पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रहा है। हम यह भी बता रहे हैं कि दो दिन बाद स्टॉक मार्केट ओपन होने पर हिंडनबर्ग (Hindenburg) के आरोपों पर शेयर बाजार में किस तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली।
10 अगस्त, 2024
-हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया, जिसमें यह बताया गया कि इंडिया से जुड़ा एक बड़ा खुलासा होने वाला है।
10 अगस्त, 2024
-माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए गए। हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा कि बुच और उनके पति धवल बुच ने अदाणी ग्रुप से जुड़े ऑफशोर फंडों में निवेश किया था। यह भी दावा किया गया कि इससे यह पता चलता है कि अदाणी ग्रुप की जांच में सेबी की तरफ से पारदर्शिता नहीं बरती गई।
-हिंडनबर्ग ने कहा कि माधबी पुरी बुच और धवल बुच ने निवेश के लिए उसी जटिल स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया, जिसका इस्तेमाल विनोद अदाणी (गौतम अदाणी के भाई) ने किया था।
-यह भी आरोप लगाया गया कि सेबी ने REITs से जुड़े जो नियम बनाए उनसे ब्लैकस्टोन प्राइवेट इक्विटी को फायदा हुआ, जिसमें धवल बुच सीनियर एडवाइजर थे।
-हिंडनबर्ग ने यह भी कहा कि माधबी बुच का एक इंडियन कंसल्टिंग फर्म में 99 फीसदी निवेश था, जिसकी कमाई करीब 2 करोड़ रुपये थी। उसने यह भी कहा कि एक पति को हिस्सेदारी ट्रांसफर करने से पहले सिंगापुर की एक कंसल्टिंग कंपनी में बुच की 100 फीसदी हिस्सेदारी थी।
11 अगस्त, 2024
-माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने हिंडनबर्ग की तरफ से लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसके लिए रात 1: 40 बजे स्टेटमेंट जारी किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द हिंडनबर्ग के आरोपों पर एक व्यापक जवाब जारी करेंगे।
-बुच और उनके पति धवल बुच ने व्यापक जवाब जारी किया। इसमें कहा गया कि अदाणी समूह की कंपनियों में उनका कोई निवेश नहीं था। धवल के ब्लैकस्टोन में एडवाइजर नियुक्त होने के बाद माधबी बुच की रेक्यूजल लिस्ट में ब्लैकस्टोन का नाम जोड़ दिया गया था। यह भी बताया गया कि माधबी बुच के सेबी की चेयरपर्सन बनते ही उनकी तरफ से शुरू की गई दो कंसल्टिंग फर्में निष्क्रिय हो गई थीं।
-बुच के स्टेटमेंट में यह भी कहा गया कि ब्लैकस्टोन में धवल बुच की नियुक्ति माधबी के सेबी की चेयरपर्सन बनने से पहले हुई थी। यह भी कि ब्लैकस्टोन माधबी बुच की रिक्यूजल लिस्ट में शामिल थी।
-बाद में जारी बयान में कहा गया कि सेबी की चेयरपर्सन की तरफ से बनाई गई दो कंसल्टिंग कंपनियों में से एक इंडिया में थी, जबकि दूसरी सिंगापुर (अगोरा कंसल्टिंग) में थी। बुच के सेबी की चेयरपर्सन नियुक्त किए जाने के बाद दोनों कंपनियां निष्क्रिय हो गई थी।
-सेबी ने अपने बयान में कहा कि माधबी पुरी बुच ने खुद को हितों के टकराव को से अलग कर लिया था। मार्केट रेगुलेटर ने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की तरफ से लगाए गए आरोपों की सेबी ने व्यापक जांच की है।
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-अदाणी ग्रुप ने भी इस मसले पर अपना बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि ये बेबुनियाद आरोप हैं, जिन्हें जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।
12 अगस्त, 2024
-शुरुआती गिरावट के बाद संभले अदाणी समूह के स्टॉक्स। 12 अगस्त को मार्केट खुलने पर अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शेयर 5-6 फीसदी तक क्रैश कर गए। लेकिन जल्द वे संभलने में कामयाब रहे। स्टॉक मार्केट बंद होने पर इस समूह की कंपनियों के शेयर मिलाजुला रुख के साथ बंद हुए। कुछ में तेजी देखने को मिली।