SEBI ने GDR हेरफेर मामले में अरुण पंचारिया को जारी किया डिमांड नोटिस, लगाया 26.25 करोड़ का जुर्माना

इसके पहले पंचारिया जुलाई में सेबी द्वारा उन पर लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने में विफल रहे थे, जिसके बाद अब उन्हें डिमांड नोटिस जारी किया गया है। सेबी ने अपने नोटिस में पंचारिया को 15 दिनों के भीतर ब्याज और वसूली लागत सहित 26.25 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है

अपडेटेड Nov 27, 2023 पर 10:05 PM
मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अरुण पंचारिया को डिमांड नोटिस जारी किया है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अरुण पंचारिया को डिमांड नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के तहत उनसे करीब 26.25 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया है। यह मामला हिरन ऑर्गोकेम लिमिटेड (Hiran Orgochem) द्वारा ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीप्ट (GDR) जारी करने में हेरफेर से जुड़ा हुआ है। 23 नवंबर को जारी अपने नोटिस में मार्केट रेगुलेटर ने 15 दिनों के भीतर पंचारिया को भुगतान करने के लिए कहा है। ऐसा करने में विफल रहने पर पंचारिया को गिरफ्तार करने और संपत्ति के साथ-साथ उनके बैंक खातों को जब्त करने की चेतावनी दी गई है।

15 दिनों के भीतर करना होगा भुगतान

इसके पहले पंचारिया जुलाई में सेबी द्वारा उन पर लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने में विफल रहे थे, जिसके बाद अब उन्हें डिमांड नोटिस जारी किया गया है। सेबी ने अपने नोटिस में पंचारिया को 15 दिनों के भीतर ब्याज और वसूली लागत सहित 26.25 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। बकाया नहीं चुकाने की स्थिति में सेबी पंचारिया की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर और बेचकर रकम वसूल करेगा। इसके अलावा, उन्हें बैंक खातों की कुर्की और गिरफ्तारी का भी सामना करना पड़ेगा।


जुलाई में लगाया गया था जुर्माना

जुलाई में सेबी ने हिरन ऑर्गोकेम के मामले में GDR जारी करने में हेरफेर के लिए पंचारिया पर 25 करोड़ रुपये और मुकेश चौरड़िया पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले की सेबी ने अप्रैल 2010 से मई 2010 की अवधि में जांच की थी।

क्या है मामला

बीएसई पर लिस्टेड Hiran Orgochem ने मई 2010 में एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि के 15.38 लाख GDR जारी किए, जो कि 4.61 करोड़ इक्विटी शेयरों के बराबर है। अपने आदेश में सेबी ने पाया कि पंचारिया हर स्टेज में Hiran की GDR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने इंडियन सिक्योरिटीज मार्केट में निवेशकों के साथ फर्जी तरीके से GDR सब्सक्रिप्शन लेकर लोन प्राप्त करके, लोन पेमेंट में डिफॉल्ट करके, GDR को इक्विटी शेयरों में कनवर्ट करके और बाद में कनवर्टेड शेयरों को बेचकर धोखाधड़ी की।

इसके अलावा, रेगुलेटर ने कहा कि चौरड़िया ने पंचारिया द्वारा भारतीय निवेशकों के साथ की गई धोखाधड़ी में एक पार्टी के रूप में काम किया। इस तरह उन्होंने फ्रॉड करते हुए नियमों का उल्लंघन किया है। इसके अलावा, पंचारिया कई कंपनियों द्वारा जारी GDR के सब्सक्रिप्शन में धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार है, जिसमें अलग-अलग कार्रवाई चल रही है।

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