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स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों को लेकर SEBI ने लागू की नई शर्त

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के लिए 'सही और योग्य' संबंधी शर्त में बदलाव किया गया है। इसके तहत, इन संस्थानों के खिलाफ जारी किया गया किसी तरह का निर्देश उनके ऑपरेशन को प्रभावित नहीं करेगा। इस नए नियम का मकसद किसी शख्स की भूमिका को संस्थानों से अलग करके देखना है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 28, 2023 पर 10:25 PM
स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों को लेकर SEBI ने लागू की नई शर्त
सेबी के इस नए नियम का मकसद किसी शख्स की भूमिका को संस्थानों से अलग करके देखना है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के लिए 'सही और योग्य' संबंधी शर्त में बदलाव किया गया है। इसके तहत, इन संस्थानों के खिलाफ जारी किया गया किसी तरह का निर्देश उनके कामकाज को प्रभावित नहीं करेगा। इस नए नियम का मकसद किसी शख्स की भूमिका को संस्थानों से अलग करके देखना है।

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने दो अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि 'सही और योग्य शख्स' वाला मापदंड आवेदक, स्टॉक एक्सचेंज, क्लीयरिंग कॉरपोरेशन, डिपॉजिटरी, उनके शेयरहोल्डर्स, डायरेक्टर और मैनेजमेंट से जुड़े अहम स्टाफ पर हमेशा लागू होगा।

इसके अलावा, इस तरह के मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शेयहोल्डर्स, डायरेक्टर और मैनेजमेंट से जुड़े अहम स्टाफ हमेशा योग्य और सही शख्स हों। इसके अलावा, MII को अयोग्य घोषित करने का असर डायरेक्टर या मैनेजमेंट से जुड़े स्टाफ की योग्यता संबंधी स्टेटस पर नहीं पड़ेगा, बशर्ते संबंधित मामले में उन पर कार्रवाई की गई हो।

सेबी ने कहा है, 'किसी स्टॉक एक्सचेंज या क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के खिलाफ बोर्ड द्वारा दिया गया कोई भी आदेश तब तक स्टॉक एक्सचेंज या क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के ऑपरेशन को प्रभावित नहीं करेगा, जब तक कि आदेश में इस बारे में साफ तौर पर जिक्र किया गया हो।'किसी आवेदक को सही और योग्य होने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होता है। इनमें वित्तीय ईमानदारी, बेहतर साख, ईमानदारी, किसी भी अदालत से सजा नहीं होना आदि शामिल हैं।

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