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SEBI: एक्सचेंजों में बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए सेबी का बड़ा कदम, होगी एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्ति

SEBI के प्रपोजल के मुताबिक, मैनेजिंग डायरेक्टर MII के कुल कामकाज को देखना जारी रखेगा। ED का दर्जा एमडी के बराबर होना जरूरी है। ED के अप्वाइंटमेंट और रीअप्वाइंटमेंट का प्रोसेस वही होगा जो एमडी के लिए है। इसके लिए सेबी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 25, 2025 पर 8:46 AM
SEBI: एक्सचेंजों में बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए सेबी का बड़ा कदम, होगी एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्ति
सेबी ने MD, प्रस्तावित ED और स्पेशेफिक की मैनेजेरियल पर्संस (KMP) की भूमिका और जिम्मेदारी को भी स्पष्ट किया है।

सेबी एक्सचेंजों सहित मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (एमआईआई) में बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। उसने 2 एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स (ईडी) की नियुक्ति का प्रस्ताव पेश किया है। यह नियुक्ति एक्सचेंजों के गवर्निंग बोर्ड में होगी। एमआईआई तीसरे ईडी की नियुक्ति के लिए आजाद होंगे। पहले दो ईडी में से एक पर जरूरी वर्टिकल्स के कामकाज की जिम्मेदारी होगी। दूसरे ईडी पर रेगुलेटरी, कंप्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट वर्टिकल की जिम्मेदारी होगी। तीसरा ईडी बिजनेस डेवलपमेंट सहित दूसरे कामकाज को देखेगा।

MD पर बनी रहेगी कुल कामकाज के प्रंबंधन की जिम्मेदारी

SEBI के प्रपोजल के मुताबिक, मैनेजिंग डायरेक्टर MII के कुल कामकाज को देखना जारी रखेगा। ED का दर्जा एमडी के बराबर होना जरूरी है। ED के अप्वाइंटमेंट और रीअप्वाइंटमेंट का प्रोसेस वही होगा जो एमडी के लिए है। इसके लिए सेबी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। ईडी एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों की रिपोर्टिंग एमडी को करना जारी रखेगा। इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि ED हर तिमाही गवर्निंग बॉडी और सेबी को रिपोर्ट देगा। जरूरी होने पर ईडी सीधे गवर्निंग बॉडी और सेबी के स्तर पर मामलों को उठा सकेगा।

ऑपरेशन और रेगुलेशन से जुड़े वर्टिकल्स पर फोकस बढ़ाने की कोशिश

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