मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक ब्रोकर्स के सिस्टम ऑडिट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम का प्रस्ताव किया है। इसके तहत स्टॉक एक्सचेंजों को स्टॉक ब्रोकर्स के ऑडिट की समय-समय पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग का अधिकार देने का सुझाव दिया गया है। सेबी ने इस सिलसिले में 3 दिसंबर को कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इस प्रस्ताव को पेश करने का मकसद ऑडिट की क्वॉलिटी बढ़ाना, ऑडिटर की जवाबदेही बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि ऑडिटर आईटी सिस्टम की चेकिंग के लिए ब्रोकर्स के अहाते में मौजूद हो और अपनी ऑडिट गतिविधि को आउटसोर्स नहीं करे।
स्टॉक ब्रोकर्स के सिस्टम ऑडिट के लिए पहले से एक फ्रेमवर्क लागू है, जिसे 13 नवंबर से लागू किया गया है। हालांकि, इस सिस्टम में कई तरह की दिक्कत और गड़बड़ियां हैं, मसलन बिना फिजिकल इंस्पेक्शन के ऑडिट की अनुमति, अपर्याप्त सैंपल के साथ खराब क्वॉलिटी की ऑडिट की अनुमति, अयोग्य लोगों द्वारा ऑडिट की अनुमति और ऑडिट से पहले या इसके बाद स्वतंत्र तौर पर इसकी पुष्टि नहीं किया जाना।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए सिस्टम ऑडिट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का भी प्रस्ताव किया गया है। कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक, प्रस्तावित फ्रेमवर्क एक्सचेंजों को ऑनलाइन वेब पोर्टल के जरिये सिस्टम ऑडिट की निगरानी की सुविधा देगा। स्टॉक ब्रोकर्स के सिस्टम ऑडिट की प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक्सचेंजों को वेब पोर्टल डिवेलप करना होगा।
कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक, स्टॉक एक्सचेंजों को सिस्टम ऑडिटर के इमपैनलमेंट से जुड़ी शर्तों को भी पेश करने को कहा जा सकता है। इसमें ऑडिट फर्म के बजाय ऑडिटर्स के क्वॉलिफिकेशन पर फोकस करने की बात है।