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सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों, अन्य MII की परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए नियमों को एक जैसा बनाया

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MII) की परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए एक ही तरह का नियम बनाया है। इन संस्थानों की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसियां करती हैं। नियमों के ढांच के तहत MII के मूल्यांकन के लिए टेक्नोलॉजी और प्रोसेस सेगमेंट को सबसे ज्यादा यानी 40 पर्सेंट वेटेज दिया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 24, 2024 पर 9:38 PM
सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों, अन्य MII की परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए नियमों को एक जैसा बनाया
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने इस सिलसिले में सर्कुलर जारी किया है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) की परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए नियमों को एक जैसा बनाया है। इन संस्थानों की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसियां करती हैं। नियमों के ढांच के तहत MII के मूल्यांकन के लिए टेक्नोलॉजी और प्रोसेस सेगमेंट को सबसे ज्यादा यानी 40 पर्सेंट वेटेज दिया गया है, जबकि सबसे कम यानी 5 पर्सेंट वेटेज दो मानकों को दिया गया है, जिनमें पर्याप्त संसाधन व सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ निष्पक्ष व्यवहार और सूचनाओं की सटीक उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल हैं।

मौजूदा रेगुलेशंस के मुताबिक, स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस और डिपॉजिटरीज जैसे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस को अपनी परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए नियमित तौर पर एक बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी नियुक्त करने की जरूरत होती है। साथ ही, इन संस्थानों को अपनी वैधानिक कमेटियों के लिए भी स्वतंत्री एजेंसी नियुक्त करनी पड़ती है। फिलहाल, ये मूल्यांकन अलग-अलग तरीके से किए जाते हैं।

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) द्वारा 24 सितंबर को जारी सर्कुलर में कहा गया है, 'मूल्यांकन संबंधी नियमों में एकरूपता लाने के लिए बुनियादी न्यूतनम मानकों और सिद्धांतों को तैयार करने की जरूरत महसूस की जा रही थी।' इंडस्ट्री स्टैंडर्ड फोरम के साथ चर्चा के बाद नियमों का मौजूदा ढांचा तैयार किया गया है।

सेबी की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक, पहले साल को छोड़कर हर तीन साल पर बाहरी मूल्यांकन किया जाना चाहिए। वित्त वर्ष 2025 (जब पहला ऐसा आकलन किया जाएगा) के लिए रिपोर्ट सेबी और MII के गवर्निंग बोर्ड को 30 सितंबर 2025 को सौंपा जाएगा। इसके बाद हर तीन साल पर मूल्यांकन किया जाएगा।

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