Markets Crash: स्टॉक मार्केट में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को हैरान किया है। इससे तीन दिनों से मार्केट में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। मार्केट के छोटे-बड़े सभी सूचकांकों में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 1.41 फीसदी टूट गया। सेंसेक्स 1.48 फीसदी गिर गया। बैंक निफ्टी में 1.32 फीसदी की गिरावट आई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.27 फीसदी और निफ्टी मिडकैवप 100 में 1.59 फीसदी की गिरावट आई।
इन शेयरों में बड़ी गिरावट
क्वालिटी वॉल्स का शेयर 2.31 फीसदी, लोढ़ा डेवलपर्स के शेयर 3.49 फीसदी, डीएलएफ के शेयर 3.45 फीसदी, इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 3.28 फीसदी टूट गए। इंडिया होटल्स में 3.64 फीसदी और ट्रेंट के शेयरों में 2.80 फीसदी की गिरावट आई। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में बड़ी गिरावट आई।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान में तनाव कम नहीं हो रहा है। क्रूड की कीमतों में उछाल दिखा है। ऐसे में इनवेस्टर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे छोटे-बड़े शेयरों में अचानक गिरावट शुरू हो गई। निफ्टी के 25,500 के नीचे जाने से इनवेस्टर्स में डर का माहौल है।
निवेशकों को 7 लाख करोड़ नुकसान
सत्र के आखिर में निफ्टी 1.41 फीसदी यानी 365 अंक तक क्रैश कर गया, जबकि सेंसेक्स 1.48 फीसदी यानी 1236 प्वाइंट्स क्रैश कर गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज घटकर 464.46 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 472.01 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 7.57 लाख करोड़ रुपये घटा है। इसका मतलब है कि निवेशकों की संपत्ति में करीब 7.57 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
एकमुश्त बड़ा निवेश नहीं करें
सवाल है कि इस गिरावट के बाद निवेशकों को क्या करना चाहिए? इस बारे में एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट का सेंटीमेंट अभी कमजोर है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए किया जा सकता है।
सिर्फ क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो इनवेस्टर्स मार्केट में खरीदारी करना चाहते हैं, उन्हें धीर-धीरे निवेश करना होगा। एकमुश्त निवेश से परहेज करना होगा। निवेशक उन कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं, जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं, जिनका मैनेजटमेंट अच्छा है बिजनेस मॉडल स्ट्रॉन्ग है।
सिप से निवेश बंद नहीं करें
सिप के निवेशकों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से नुकसान हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडियन मार्केट को लेकर किसी तरह की फंडामेंटल्स प्रॉब्लम्स नहीं है। इसलिए गिरावट आने पर मार्केट से एग्जिट करने पर निवेशक लंबी अवधि में बड़ी कमाई का मौका चूक सकते हैं। जो इनवेस्टर्स सिप से निवेश जारी रखेंगे, उन्हें लॉन्ग टर्म में बड़ा फायदा होगा। इनवेस्टर्स को अपना सिप नहीं बंद करना चाहिए। मार्केट गिरने पर इनवेस्टर्स को ज्यादा यूनिट्स एलॉट होती है, जिससे उनका रिटर्न बढ़ता है।