Share Market Rise: भारी बिकवाली के बाद निफ्टी-सेंसेक्स में शानदार रिकवरी, निचले स्तर से 500 पॉइंट्स चढ़ा

Share Market Fall Today: शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार में निचले स्तरों से तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। बाजार को सहारा देने में बैंकिंग और मिडकैप शेयरों का अहम योगदान रहा है। निफ्टी बैंक, जो सुबह 566 अंक से ज्यादा टूटकर 53,905 के स्तर पर आ गया था, 11:26 बजे तक 210 से ज्यादा अंक रिकवर होकर 54,115.70 (-0.65%) पर ट्रेड कर रहा है। निचले स्तरों पर आई इस खरीदारी से निवेशकों को राहत मिली है, हालांकि वैश्विक दबाव के चलते बाजार अब भी लाल निशान में बना हुआ है

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 11:52 AM
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निफ्टी में करीब 150 अंकों का सुधार आ चुका है और यह 22,725 पर कारोबार कर रहा है

Stock Market Rise Reasons: भारतीय शेयर बाजार में 29 सितंबर 2026 को शुरुआती कारोबार की भारी बिकवाली के बाद निचले स्तरों से शानदार रिकवरी देखने को मिली है। सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से करीब 500 अंक सुधरकर 72,570 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने एक बार फिर 22,700 के अहम स्तर को हासिल कर लिया। इसी तरह बैंक निफ्टी में निचले स्तर से 350 अंकों का उछाल आया और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में भी 400 अंकों से ज्यादा का बड़ा सुधार दर्ज किया गया। सुबह 11:31 बजे सेंसेक्स महज 198.04 अंक (-0.27%) की गिरावट के साथ 72,573.68 पर और निफ्टी सिर्फ 55.35 अंक (-0.24%) नीचे 22,724.90 पर कारोबार कर रहा था।

वैल्यू बाइंग और ओवरसोल्ड जोन से मिला सहारा

बाजार में आई इस अचानक रिकवरी का सबसे बड़ा कारण निचले स्तरों पर आई वैल्यू बाइंग है। लगातार बिकवाली के कारण मार्केट ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया था, जहां से निवेशकों को आकर्षक कीमत पर खरीदारी के मौके मिले। हालांकि, स्पार्क मिडास इक्विटीज एंड रिसर्च के विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में उछाल और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी मार्केट सेंटीमेंट पर हावी हैं, लेकिन ओवरसोल्ड मोमेंटम के कारण शॉर्ट-टर्म में ऐसी रीबाउंड रैली देखने को मिल सकती है।


इंडिया विक्स में गिरावट और वोलेटिलिटी से राहत

बाजार में रिकवरी का दूसरा बड़ा कारण वोलेटिलिटी इंडेक्स यानी इंडिया विक्स में आई कमी है। इंडिया विक्स 14.77 से गिरकर 14.04 के स्तर पर आ गया, जो यह दर्शाता है कि दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडर्स की घबराहट और अनिश्चितता कम हो रही है। इसके अलावा, मार्केट में एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो में भी थोड़ा सुधार देखने को मिला, जहां करीब 1,617 शेयरों में बढ़त और 2,128 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल आउटलुक: 22,600 का मजबूत सपोर्ट और आगे की राह

टेक्निकल व्यू के लिहाज से जब तक निफ्टी 22,600 का स्तर नीचे की ओर निर्णायक रूप से नहीं तोड़ता, तब तक बड़ी गिरावट की संभावना कम है। कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर सबसे अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। यदि बाजार 22,800 के ऊपर टिकता है, तो निफ्टी में 23,000 से 23,050 तक का उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी तरफ, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स का कहना है कि RSI ओवरसोल्ड होने के चलते 23,020 की ओर रीबाउंड की संभावना बनी हुई है, लेकिन जब तक निफ्टी 23,150 को दोबारा हासिल नहीं कर लेता, तब तक ब्रॉडर ट्रेंड सतर्कता भरा ही रहेगा।

बाजार में आज की गिरावट के 4 बड़े कारण

1. कच्चे तेल में आग: Brent Crude $106/बैरल के पार

अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत बेनतीजा रहने की आशंका से क्रूड ऑयल की सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ गया है। ब्रेंट क्रूड उछलकर $106.93 प्रति बैरल और WTI क्रूड $93.80 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

2. FIIs की लगातार भारी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। 28 सितंबर को FIIs ने कैश मार्केट में ₹5,300 करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹5,189 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली का दबाव भारी पड़ रहा है।

3. ग्लोबल बाजारों से सुस्त संकेत

एशियाई बाजारों में आज चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार भी बीते सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था।

4. ऑटो, मेटल और प्राइवेट बैंक शेयर पस्त

आज के कारोबार में निफ्टी बैंक 1% से ज्यादा टूटकर 53,900 के नीचे आ गया है। बैंकिंग सेक्टर के अलावा ऑटो, मेटल और मिडकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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