Why Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज काफी सुस्ती दिख रही है। हालांकि घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे हाई से 400 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गए तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी फिसलकर 23,900 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स इसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इनमें भी बढ़त हल्की ही है। सेक्टरवाइज बात करें तो आईटी और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स की तेज गिरावट ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया।
फिलहाल 02:20 PM पर सेंसेक्स 115.77 प्वाइंट्स यानी 0.15% की फिसलन के साथ 75,893.93 और निफ्टी 50 भी 12.55 प्वाइंट्स यानी 0.05% की गिरावट के साथ 23,901.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 76,224.68 के हाई से 427.67 प्वाइंट्स टूटकर 75,797.01 और निफ्टी भी 23,983.20 के इंट्रा-डे हाई से 114.70 प्वाइंट्स फिसलकर 23,868.50 तक आ गया।
Why Market Fall: इन वजहों से मार्केट आया नीचे
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास अमेरिकी हमले को लेकर कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे तीन महीने से चल रहे जंग की समाप्ति को अनिश्चितता बढ़ी है और एक बार फिर एनर्जी की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दी। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो का कहना है कि किसी समझौते पर पहुंचने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक इसकी वजह से निवेशक काफी सतर्कता बरत रहे हैं।
चीन के शंघाई कंपोजिट और हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग में 1-1% से अधिक की गिरावट आई। इससे निवेशकों का सेंटिमेंट थोड़ा कमजोर दिखा। लाइवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट को भी अनिश्चित कर दिया है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
25 मई को नेट खरीदारी करने के बाद अगले ही दिन विदेशी निवेशकों ने नेट बिक्री की यानी खरीदारी से अधिक बिक्री की। सोमवार 25 मई को ₹821.75 करोड़ की नेट खरीदारी के बाद अगले ही दिन मंगलवार 26 मई को विदेशी निवेशकों ने ₹2,407.87 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री कर दी। इस साल अब तक उन्होंने ₹2.42 लाख करोड़ के शेयर बेच डाले हैं जोकि पिछले साल 2025 के रिकॉर्ड बिक्री से भी अधिक है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बीच-बीच में माहौल पॉजिटिव हो जाता है लेकिन बाजार को अभी भी किसी वक्त उलटफेर की आशंका बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी के चलते कच्चे तेल में उबाल आया तो रुपया कमजोर हो गया। एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.78 पर आ गया।
गुरुवार को बकरीद के मौके पर मार्केट बंद रहेगा तो सेंसेक्स समेत बीएसई पर सभी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी आज है जिससे निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि तकनीकी तौर पर बेयरेश किकर कैंडलस्टिक पैटर्न से शॉर्ट टर्म में मार्केट की कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। हितेश के मुताबिक निफ्टी को फिलहाल 23,700-23,750 के जोन पर सपोर्ट मिल रहा है तो 24,050-24,100 रेंज रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है।
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