शेयर मार्केट में शुक्रवार (14 अक्टूबर) को तेजी लौट आई। Sensex और Nifty अच्छी तेजी के साथ बंद हुए। हफ्ते के अंतिम दिन मार्केट खुलते ही Sensex और Nifty रॉकेट बन गए। लेकिन, दोपहर बाद तेजी थोड़ी कम हो गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 684 अंक यानी 1.2 फीसदी चढ़कर 57,919 अंक पर बंद हुआ। Nifty 171 अंक यानी करीब 1 फीसदी के उछाल के साथ 17,185 अंक पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा तेजी बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।
दिग्गज शेयरों में Infosys के स्टॉक में सबसे ज्यादा 4.2 फीसदी की तेजी आई। इसके बाद HDFC Bank में 3.76 फीसदी का उछाल आया। HDFC का शेयर भी 2.91 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। HCL Tech के शेयर में 2.17 फीसदी का उछाल आया। ICICI Bank के शेयर 2.16 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
इससे पिछले दिनों से मार्केट में आ रही गिरावट की कुछ हद तक भरपाई हो गई। हालांकि, बाजार खुलने के पहले से तेजी का अनुमान था। इसकी वजह यह है कि गुरुवार को अमेरिकी मार्केट में जबर्दस्त तेजी आई थी। अमेरिका में इनफ्लेशन के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहने के बावजूद यह तेजी आई। इसकी वजह शॉर्ट कवरिंग बताई जा रही है। इसका असर शुक्रवार को इंडिया सहित एशियाई बाजारों पर देखने को मिला।
बाजार खुलते ही Sensex 1000 अंक तक उछल गया था। इससे BSE का मार्केट कैप बढ़कर 273.82 लाख करोड़ रुपये हो गया। शुक्रवार को आई इस तेजी की वजह से इनवेस्टर्स की संपत्ति करीब 4 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। दिन में एक समय Sensex 1169 अंक यानी 2.06 फीसदी के उछाल के साथ 58,417 अंक पर पहुंच गया था। Nifty भी 325 अंक यानी 1.91 फीसदी की मजबूती के साथ 17,337 अंक के उच्चतम स्तर को टच कर गया था।
इन वजहों से घरेलू बाजार में आई तेजी:
अमेरिकी बाजारों से मजबूत संकेत
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले छह सत्रों से गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लग गया। Dow Jones और Nasdaq में शानदार तेजी आई। Dow 2.8 फीसदी उछल गया। नैस्डेक भी 2.2 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ। हालांकि, अमेरिका में इनफ्लेशन के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आए हैं। इसलिए इस रैली की वजह का पता लगाने की कोशिश एनालिस्ट्स कर रहे हैं। यह माना जा रहा है कि शॉर्ट-कवरिंग इसकी वजह हो सकती है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में इस हफ्ते नरमी आई है। लगातार दो हफ्ते चढ़ने के बाद क्रूड में नरमी राहत की खबर है। ब्रेट क्रूड का प्राइस 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। यह इंडिया के लिए अच्छी खबर है। इंडिया ऑयल की अपनी 80 फीसदी से ज्यादा जरूरत आयात से पूरी करता है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड में उछाल का असर सरकार की वित्तीय स्थिति पर पड़ता है। पहले ही इंडिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 के करीब बनी हुई हैं। ऐसे में सरकार के पास इनकी कीमतें बढ़ाने की गुंजाइश नहीं है। इसकी वजह यह है कि कीमतें बढ़ाने से इनफ्लेशन को काबू में करने में दिक्कत आएगी।
Indian Economy पर IMF का बयान
IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टिना जॉर्जिवा (Kristalina Georgieva) ने इंडियन इकोनॉमी को अंधेरे के बीच उम्मीद की किरण बताया है। International Monetary Fund (IMF) और World Bank की सालाना बैठक के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में जॉर्जिवा ने कहा कहा कि निराशा के इस माहौल के बीच इंडिया को ब्राइट स्पॉट कहना ठीक होगा। इसकी वजह यह है कि यह तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी है। मुश्किल वक्त में भी इसने ग्रोथ दिखाई है।
दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजे
अब तक आए दूसरी तिमाही के नतीजे खासकर आईटी कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। देश की टॉप आईटी कंपनियों-TCS, Infosys, Wipro और HCL Tech ने नतीजों का ऐलान कर दिया है। अब तक उनके बिजनेस पर अमेरिका और यूरोप में मंदी का ज्यादा असर नहीं दिखा है। कंपनियों के प्रबंधन ने कहा है कि वे मुश्किल हालात को देखते हुए सावधानी बरत रही हैं। शुक्रवार को इंफोसिस के शेयरों में जबर्दस्त उछाल दिखा। मार्केट खुलते ही कंपनी के शेयरों में उछाल दिखा। दिन में कंपनी के शेयर 5 फीसदी की तेजी के साथ 1490 रुपये पर चल रहे थे। TCS के शेयरों में भी 0.83 फीसदी की तेजी दिखी। HCL Tech का शेयर 2.8 फीसदी मजबूत चल रहा था। Wipro में 1.15 फीसदी का उछाल था।