भारतीय शेयर बाजार के लिए आज शुक्रवार को समाप्त हुआ कारोबारी हफ्ता पिछले 2 सालों का सबसे खराब हफ्ता साबित हुआ है। ग्लोबल शेयर बाजारों के कमजोर प्रजर्शन, विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार बिकवाली, दुनिया भर में सेंट्रल बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी और महंगाई की ऊंची दर जैसे तमाम पहलुओं के चलते शेयर बाजार में इस हफ्ते में भारी गिरावट देखने को मिली।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex-30) आज उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद 135 अंक या 0.26 फीसदी गिरकर 51,360.42 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty-50) 67 अंक या 0.44 फीसदी गिरकर 15,277.90 के स्तर पर बंद हुआ।
इसके साथ ही यह लगातार छठा कारोबारी दिन था, जब भारतीय शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इस गिरावट के साथ दोनों इंडेक्स अपने पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। सिर्फ इस कारोबारी हफ्ते (सोमवार से शुक्रवार) में बेंचमार्क इंडेक्सों में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। यह मई 2020 के बाद किसी एक हफ्ते में शेयर बाजार में आई सबसे अधिक गिरावट है।
इस हफ्ते जहां अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया। वहीं स्विट्जरलैंड के सेंट्रल बैंक ने पिछले 15 सालों में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला किया। इन ग्लोबल पहलुओं के चलते भी शेयर बाजार में इस हफ्ते बिकवाली का माहौल रहा।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में आज सबसे अधिक गिरावट एशियन पेंट्स, विप्रो, डॉ रेड्डी, टाइटन, टीसीएस, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और मारुति के शेयरों में आई है। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज आज टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 1,045.60 अंक या 1.99 फीसदी लुढ़ककर 51,495.79 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 331.55 अंक या 2.11 गिरकर 15,360.60 अंक पर बंद हुआ था। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया, "दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने एक साथ मॉनिटरी पॉलिसी में सख्ती लानी शुरू कर दी है और इसके साथ आर्थिक ग्रोथ के धीमे होने की भी आशंका पड़ रही है। शेयर बाजारों पर इन दोनों पहलुओं के चलते फिलहाल भारी दबाव दिख रहा है।"
इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) का भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालना लगातार जारी है। गुरुवार के कारोबार के दौरान विदेशी निवेशकों ने करीब 3,257.65 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी।