Stock Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने घरेलू मार्केट को शुरुआती गिरावट से उबरने में मदद की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 681 प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी 22850 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी के आस-पास की बढ़त है।
अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:01 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 582.44 प्वाइंट्स यानी 0.79% की बढ़त के साथ 73,828.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 154.55 प्वाइंट्स यानी 0.68% के उछाल के साथ 22,853.40 पर है। इंट्रा-डे में शुरुआती कारोबारी में सेंसेक्स 64.13 प्वाइंट्स टूटकर 73,181.90 तक आया था, जिससे फिर यह 680.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर 73,862.50 तक पहुंच गया तो दूसरी तरफ निफ्टी पहले 42.10 प्वाइंट्स टूटकर 22,656.75 तक आया, जिससे फिर यह 217.40 प्वाइंट्स रिकवर होकर 22,874.15 तक पहुंचा।
Stock Market Rally: ये है वजह
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। महंगाई की तेज रफ्तार को देखते हुए फेडरल रिजर्व ने आगे के फैसलों के लिए नए आर्थिक आंकड़ों का इंतजार करने का संकेत दिया। ब्याज दरों की स्थिरता से शेयर मार्केट को कुछ राहत मिली। हालांकि अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की महंगाई भारतीय बाजार के लिए अब भी चुनौती बनी हुई हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक फेड का फैसला मार्केट के लिए पॉजिटिव है, लेकिन भारतीय मार्केट पर दबाव डालने वाले कारक अभी बने हुए हैं।
देशी-विदेशी निवेशकों की खरीदारी
बुधवार को लगातार दूसरे दिन FPIs (फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टर्स) ने भारतीय शेयर मार्केट में नेट खरीदारी की। उन्होंने करीब ₹872 करोड़ के नेट शेयर खरीदे। DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशकों) ने भी बुधवार को करीब ₹643 करोड़ के नेट शेयर खरीदे। देशी-विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिला।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 3.61% की गिरावट के साथ 15.66 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
सरकारी बैंकों और FMCG कंपनियों से मजबूत सपोर्ट
मार्केट को आज सरकारी बैंकों और एफएमसीजी कंपनियों से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुए हैं। प्राइवेट बैंक और आईटी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल सिर्फ ऑटो जैसे अहम सेक्टर का ही निफ्टी इंडेक्स लाल है।
एनालिस्ट्स के मुताबिक किसी बेयरेश माहौल के लिए निफ्टी को 22,650 के नीचे आना होगा यानी कि जब तक निफ्टी इसके ऊपर है, निफ्टी में रैली की गुंजाइश है। हालांकि ट्रेडर्स को कच्चे तेल के ऊंचे भाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और इंडिया VIX के 15 से ऊपर रहने के कारण निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक निफ्टी 22,830 के ऊपर मजबूत बना रहता है तो यह 23,000 और 23,175 के लेवल तक रिकवरी रह सकता है लेकिन अगर निफ्टी इस लेवल को बचा नहीं पाया तो मार्केट 22,370–22,830 के दायरे में बना रह सकता है। 22,500 का लेवल तात्कालिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।
कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,850 तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी इसके ऊपर निकलता है तो यह 23,000 के लेवल पर पहुंच सकता है लेकिन अगर इसने नीचे की तरफ 22,500 का लेवल तोड़ा तो बाजार में कमजोरी बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।