Sensex में अंतिम एक घंटे में 800 अंक उछाल का कनेक्शन क्या यूएस-ईरान से है?

सेंसेक्स 1:25 बजे 74,486 पर चल रहा था। 2:30 बजे यह 800 अंक के उछाल के साथ 75,294 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि अंतिम एक घंटे में सेंसेक्स में करीब 1 फीसदी की तेजी आई। कारोबार के आखिर में सेंसेक्स 2.3 फीसदी के उछाल यानी 1,695 अंक की तेजी के साथ 75,527 पर बंद हुआ

अपडेटेड Jun 12, 2026 पर 5:20 PM
बाजार की तेजी में बैंकिंग शेयरों का बड़ा हाथ रहा। बैंक निफ्टी इंडेक्स करीब 3 फीसदी उछला।

शेयर बाजारों में 12 जून को जबर्दस्त तेजी आई। लेकिन, कारोबार के अंतिम एक घंटे में आई तेजी ने इनवेस्टर्स को हैरान कर दिया। 30 मिनट में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स उछल गया। इससे बाजार की बढ़त दोगुनी हो गई। लंबे समय बाद मार्केट में ऐसी तेजी दिखी। इससे पहले बाजार में तेजी टिकने का नाम नहीं ले रही थी। बाजार चढ़ते ही मुनाफावसूली शुरू हो जाती थी, जिससे सूचकांक लाल निशान में आ जाते थे।

ईरान-अमेरिका में बड़े मसलों पर सहमति

ईरान में सरकार से जुड़ी न्यूज एजेंसी Mehr ने खबर दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जिन मसलों पर सहमति बनी है, उनमें ईरान पर प्रतिबंध हटाना, अमेरिकी नाकेबंदी का खात्मा और ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी ने यह भी कहा है कि 60 दिन तक चलने वाली बातचीत के दौरान ईरान को 24 अरब डॉलर मिलेंगे। इस दौरान परमाणु हथियार के मसले पर बातचीत होगी।


अंतिम आधे घंटे में मार्केट में बड़ा उछाल

सेंसेक्स 1:25 बजे 74,486 पर चल रहा था। 2:30 बजे यह 800 अंक के उछाल के साथ 75,294 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि अंतिम एक घंटे में सेंसेक्स में करीब 1 फीसदी की तेजी आई। कारोबार के आखिर में सेंसेक्स 2.3 फीसदी के उछाल यानी 1,695 अंक की तेजी के साथ 75,527 पर बंद हुआ। निफ्टी 1.99 फीसदी यानी 461 अंक चढ़कर 23,622 पर क्लोज हुआ। करीब 3,110 शेयर चढ़कर बंद हुए। गिरने वाले शेयरों की संख्या सिर्फ 969 रही।

बैंकिंग शेयरों ने दिखाई ताकत

बाजार की तेजी में बैंकिंग शेयरों का बड़ा हाथ रहा। बैंक निफ्टी इंडेक्स करीब 3 फीसदी उछला। इसमें शामिल सभी 14 बैंकों के शेयर हरे निशान में बंद हुए। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दिखी। G7 के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका-ईरान में समझौते पर 14 जून को हस्ताक्षर हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह पूरी दुनिया और सभी शेयर बाजारों के लिए राहत की खबर होगी।

क्रूड ऑयल की कीमतें फिसलीं

अमेरिका-ईरान के बीच सुलह की संभावना का सबसे ज्यादा असर क्रूड की कीमतों पर दिखता है। 12 जून को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5 फीसदी तक गिर गया। यह मार्च के शुरुआती दिनों के अपने लेवल से सबसे नीचे चल रहा है। यूरोपियन गैस की कीमतों में भी 8.4 फीसदी की गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान में समझौता हो जाने के बाद ही उसे पक्का माना जाएगा। पहले भी समझौते की बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने के बाद टूट चुकी है।

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