SFC Environmental Tech IPO Listing: पानी साफ करने वाली और बॉयोगैस बनाने वाली एसएफसी के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 9 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹330 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹354.05 और NSE पर ₹355.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 7% से अधिक का लिस्टिंग गेन (SFC Environmental Tech Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹365.90 (SFC Environmental Tech Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 10.88% मुनाफे में हैं।
SFC Environmental Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एसएफसी का ₹668 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 9.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 18.81 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 12.81 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.71 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹518 करोड़ के 1,56,82,750 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹42.23 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरी वसुधा वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट का कर्ज हल्का करने, ₹74.92 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹20.33 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹55.61 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
SFC Environmental Tech के बारे में
एसएफसी गंदे पानी को साफ करने, पानी को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने और शहरों के कचरे से बायोगैस बनाने का काम करती है। इसे लेकर कंपनी के अपनी दो मुख्य प्रोप्रायटरी टेक्नोलॉजी हैं, एक सी-टेक टेक्नोलॉजी और दूसर ओरेक्स टेक्नोलॉजी। इसका वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट बिजनेस मुख्य रूप से इसके सी-टेक टेक्नोलॉजी पर काम करता है तो सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट के लिए ओरेक्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। इसका कारोबार देश के 23 राज्यों और 5 यूनियन टेरिटरीज में फैला हुआ है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 5% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹160.21 करोड़ और टोटल इनकम 10% से अधिक के सीएजीआर से ₹821.27 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी को ₹1.48 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹137.90 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹204.77 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹784.14 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।