Shankar Sharma की Brightcom Group के शेयरधारकों से अपील, कंपनी के कुप्रबंधन के खिलाफ हों एकजुट

Brightcom Group: सेबी ने जांच के बाद कहा कि साल 2014-15 से अगले 5 साल के लिए कंपनी ने खर्चों को कम करके और मुनाफे को बढ़ा कर दिखाया है। इस अवधि के दौरान कंपनी ने 1280 करोड़ रुपये की जानकारी छिपाने की कोशिश की है

अपडेटेड Jun 29, 2024 पर 4:26 PM
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शंकर शर्मा ने ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरधारकों से कंपनी के कुप्रबंधन के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।

शंकर शर्मा ने ब्राइटकॉम ग्रुप (Brightcom Group) के शेयरधारकों से कंपनी के कुप्रबंधन के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ब्राइटकॉम ग्रुप (BCG) के शेयरधारकों से कहा कि वे कंपनी के सामने आने वाली मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए BCG शेयरहोल्डर एसोसिएशन की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें। बता दें कि BCG लिस्टिंग वॉयलेशन, जानकारी छिपाने और अन्य नियमों का पालन नहीं करने चलते दो साल से अधिक समय से SEBI की जांच के दायरे में है।

Shankar Sharma ने क्या कहा?

Shankar Sharma ने कहा, "एक ऐसी कंपनी जो कि हेडलेस है (मैं हार्टलेस भी कह सकता हूं), ऐसे आंकड़े पेश करना दिखाता है कि कंपनी में काम करने के लिए प्रतिभा है। या जैसा कि हम अब संदेह करते हैं, लेटेस्ट नतीजों और ऑडिटर कमेंट्स के बाद जालसाजी करने में जीनियस है।"


शर्मा ने सेन पर वित्तीय नतीजों में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए भ्रामक और झूठे बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले ऑडिटरों के इस्तीफे और वित्तीय नतीजे जारी करने में देरी पर सवाल उठाया, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक कवर-अप है।

शर्मा ने शेयरधारकों से BCG को "नुकसान" पहुंचाने वाली कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और सीरियस फ्रॉड ऑफिस से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया और सच्चाई को उजागर करने के लिए सेबी द्वारा गहन फोरेंसिक ऑडिट का प्रस्ताव रखा।

सेबी ने 28 फरवरी 2024 को अनुभवी निवेशक शंकर शर्मा के खिलाफ BCG के शेयरों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से न बेचने के प्रतिबंध हटा दिए। मार्च तक शर्मा के पास BCG में 1.14 फीसदी हिस्सेदारी थी। कंपनी के प्रमोटरों के पास फर्म में 18.38 फीसदी हिस्सेदारी है।

"Brightcom Group ने मुनाफा बढ़ाकर दिखाया" 

बता दें कि सेबी ने जांच के बाद कहा कि साल 2014-15 से अगले 5 साल के लिए कंपनी ने खर्चों को कम करके और मुनाफे को बढ़ा कर दिखाया है। इस अवधि के दौरान कंपनी ने 1280 करोड़ रुपये की जानकारी छिपाने की कोशिश की है। फरवरी 2024 में कल्लोल सेन BCG के बोर्ड में शामिल हुए। उन्होंने प्रभावशाली लेकिन संदिग्ध वित्तीय आंकड़े साझा किए। 5 मार्च 2024 को सेन की घोषणा में FY24 की दूसरी तिमाही में 1813 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और 352 करोड़ रुपये के PAT का दावा किया गया, जिसने सभी कौ हैरान कर दिया था।

ट्रेडिंग पर रोक और रेगुलेटरी एक्शन

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE ने 14 जून 2024 से BSE शेयरों पर ट्रेडिंग को रोक दिया है। कंपनी द्वारा लगातार दो तिमाहियों (सितंबर और दिसंबर 2023) में वित्तीय नतीजे प्रस्तुत करने की जरूरत वाले सेबी नियमों का पालन करने में विफल रहने के बाद यह रोक लगाया गया है।

NSE सर्कुलर में कहा गया है, "निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक कंपनी 11 जुलाई 2023 के सेबी के मास्टर सर्कुलर का पालन नहीं करती। 15 दिनों के बाद छह महीने के लिए प्रत्येक हफ्ते के पहले कारोबारी दिन ट्रेडिंग की अनुमति होगी।" इसके अलावा BSE ने घोषणा की कि निलंबन अवधि के दौरान प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग को फ्रीज कर दिया जाएगा।

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