Share Market News: मार्केट में आज दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन खत्म होने के बाद ईरान से युद्ध होने के दावे से मार्केट को सपोर्ट मिला तो दूसरी तरफ सप्लाई की दिक्कतों ने कच्चे तेल में उबाल लाया जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा। इसके अलावा सेक्टरवाइज मिले-जुले रुझान से भी मार्केट न तो ऊपर जा पा रहा और न ही नीचे आ रहा। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग फ्लैट हैं। ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है, एक तरफ निफ्टी मिडकैप 100 में गिरावट तेज है तो निफ्टी स्मॉलकैप लगभग फ्लैट है।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) फिलहाल 47.61 प्वाइंट्स यानी 0.06% की गिरावट के साथ 74,716.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 12.70 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 23,418.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 146.73 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 74,910.96 के हाई और 98.13 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 74,666.10 तक गिरा था तो दूसरी तरफ निफ्टी इंट्रा-डे में 63.45 प्वाइंट्स चढ़कर 23,494.95 और 28.45 प्वाइंट्स गिरकर 23,403.05 तक आया था।
Share Market Both Side Movement: ये है वजह
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान के साथ युद्ध तुरंत खत्म हो जाएगा। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है और यह ऊपर जाने की कोशिश कर रहा है।
पश्चिमी एशिया से तेल की सप्लाई में नई रुकावटों के कारण सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। इससे ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत एक बार फिर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा है।
सेक्टरवाइज मिला-जुला रुझान
मेटल और फार्मा सेक्टर मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है। आईटी और ऑटो सेक्टर भी मार्केट दबाव बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों की तेजी मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश कर रही है। इस रस्साकसी में किसी एक तरफ मार्केट बढ़ नहीं पा रहा है। फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही उठा-पटक है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट सपोर्ट पाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह 0.60% की गिरावट के साथ 11.85 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
आज सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है, जिसके चलते आज ट्रेडर्स को 10 सितंबर को एक्सपायर होने वाले अपने कॉन्ट्रैक्ट्स को बंद करना है। इसका भी असर आज मार्केट पर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।