Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के अधिकतर बाजारों में ऐसी उथल-पुथल मचाई कि इसकी आंच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स 1100 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 22800 के नीचे आ गया और भारी गिरावट के साथ ये बंद भी हुए। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का भारी दबाव दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉल कैप 100 डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गए।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 28 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 1124.02 प्वाइंट्स यानी 1.52% की गिरावट के साथ 72,771.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 360.25 प्वाइंट्स यानी 1.56% की फिसलन के साथ 22,780.25 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 1179.51 प्वाइंट्स टूटकर 72,716.23 और निफ्टी भी 378.30 प्वाइंट्स गिरकर 22,762.20 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम (सीजफायर) के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने अपने सहयोगियों से इस बात की उम्मीद जताई है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर अमेरिकी बमबारी फिर से शुरू हो जाएगी। इससे वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल मच गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति की उम्मीदें फीकी पड़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा, जिससे मार्केट सहम गया। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर $101 के पार चला गया।
अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड उछलकर 5% के पार बनी हुई है, जिससे शेयर मार्केट में हलचल फीकी हुई है।
एक कारोबारी दिन पहले 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार दूसरे दिन ताबड़तोड़ भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली की, जिसका दबाव आज दिख रहा है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने ₹3,693.93 करोड़ की नेट बिक्री की जबकि एक दिन पहले गुरुवार 24 सितंबर को एफआईआई ने 5,027.36 करोड़ के नेट शेयर बेचे थे।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव
सेक्टरवाइज मार्केट पर आज सबसे तगड़ा दबाव सरकारी बैंकों ने बनाया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक टूट गया। इसमें प्राइवेट बैंक, ऑटो और मेटल सेक्टर ने भी इसका साथ दिया, जिनके निफ्टी इंडेक्स डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आए। एफएमसीजी और प्राइवेट बैंकों का निफ्टी इंडेक्स भी डेढ़ फीसदी कमजोर हुआ तो निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक नीचे आया। सभी सेक्टर के इंडेक्स आज लाल रहे।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने के मुताबिक बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा है। उनका कहना है ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती उभरते बाजारों के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, तो FII की लगातार बिकवाली इस दबाव को बढ़ा रही है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी लगातार 'लोअर हाई' और 'लोअर लो' बना रहा है और अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत मिल रहा है। रूपक का कहना है कि वीकली चार्ट पर RSI बेयरेश हो गया है, जिससे लगातार गिरावट का संकेत मिल रहा है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।