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Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम, लगातार 7वें दिन गिरा सेंसेक्स-निफ्टी, ₹1.5 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 18 जुलाई को लगातार 7वें दिन गिरावट जारी रही। खासतौर से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे पूरे मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर दिखा। बीएसई सेंसेक्स 241.30 अंक गिरकर 77,339.01 के स्तर पर बंद हुआ। यह फरवरी 2023 के बाद शेयर बाजार में आई अब तक कि सबसे लंबी गिरावट है। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे 5 प्रमुख कारण क्या रहे-

Vikrant singhअपडेटेड Nov 18, 2024 पर 5:30 PM
Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम, लगातार 7वें दिन गिरा सेंसेक्स-निफ्टी, ₹1.5 लाख करोड़ डूबे
Share Market Crash: सेंसेक्स और निफ्टी में 26 सितंबर के बाद से अबतक 10% से भी अधिक की गिरावट आ चुकी है

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 18 जुलाई को लगातार 7वें दिन गिरावट जारी रही। खासतौर से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे पूरे मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर दिखा। कारोबार के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 241.30 अंक या 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 77,339.01 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 78.90 अंक या लुढ़ककर 23,453.80 के स्तर पर बंद हुआ। इसके चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये घट गया। यह फरवरी 2023 के बाद शेयर बाजार में आई अब तक कि सबसे लंबी गिरावट है। सेंसेक्स और निफ्टी में 26 सितंबर के बाद से अबतक करीब 11 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे 5 प्रमुख कारण क्या रहे-

1. अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बने रहने की आशंका

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि अमेरिका में अब ब्याज दरों में कटौती करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक ग्रोथ, मजबूत जॉब मार्केट और महंगाई दर के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बने रहने को देखते हुए ब्याज दरें घटाने में जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। यह बयान भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक झटका है, जो लंबे समय से अमेरिकी में ब्याज दरें घटने की आस लगाए बैठी हैं। जेरोम पॉवेल के बयान के बाद आज कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक टूट गया। इंफोसिस, टीसीसी, विप्रो सहित लगभग सभी आईटी कंपनियों के शेयरों में 2 से 7 फीसदी तक की गिरावट देखी गई।

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