Share Market Crash: सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती पूरी बढ़त गंवाते हुए सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान है। निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल हल्की बढ़त है और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:12 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 209.21 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 74,649.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 53.70 प्वाइंट्स यानी 0.23% की फिसलन के साथ 23,360.60 पर है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 179.94 प्वाइंट्स उछलकर 75,038.93 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 442.54 प्वाइंट्स टूटकर 74,596.39 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 50 भी 74.70 प्वाइंट्स चढ़कर 23,489.00 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 147.50 प्वाइंट्स गिरकर 23,341.50 तक आ गया।
Stock Market Crash: ये है वजह
मार्केट पर आज सबसे तगड़ा दबाव आईटी सेक्टर ने बनाया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक टूट गया है। बाकी किसी भी अहम सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की हलचल नहीं है। आईटी सेक्टर पर सीएलएसए और गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट से दबाव बना है, जिसमें जिक्र है कि डिमांड में सुस्ती से मीडियम-टर्म में कमाई के आउटलुक पर असर पड़ सकता है। सीएलएसए का कहना है कि जियो-पॉलिटिक्स, ऊंची ब्याज दरों और महंगाई के चलते मैक्रो फंडामेंटल्स की कमजोरी से आईटी कंपनियों की कमाई फिसल सकती है।
लगातार चार सेशंस में गिरावट के बाद वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $101 के पार पहुंचा तो इसकी आंच में मार्केट झुलस गया। चूंकि भारत कच्चे तेल की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है तो इसमें उछाल से इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और कॉरपोरेट के कॉस्ट और मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576.20 करोड़ के शेयरों की नेट बिकवाली की, जिससे मार्केट पर दबाव आया।
एक कारोबारी दिन पहले की तेजी के बाद आज भी मार्केट बढ़त के साथ खुला था तो ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली दिखने लगी जिससे मार्केट नीचे आया।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर (Ponmudi R) का कहना है कि निफ्टी 50 हल्की बढ़त के साथ 23,454 के लेवल के पास खुला। रिकवरी बनाए रखने और 23,500–23,600 की तरफ बढ़ने के लिए इंडेक्स को इस लेवल से ऊपर बने रहना होगा। हालांकि यह जोन एक अहम रेजिस्टेंस बैंड भी बना हुआ है यानी यहां फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है। नीचे की तरफ 23,300 तत्काल सपोर्ट के तौर पर है और उसके बाद 23,200 का सपोर्ट होगा। इन लेवल से ऊपर बने रहने पर रिकवरी की संभावना रहेगी लेकिन 23,200 का लेवल टूटा तो फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है।
पोनमुडी का कहना है कि मोमेंटम में हल्का सुधार हुआ है और RSI बढ़कर लगभग 38 पर पहुंच गया है लेकिन यह अभी भी कमजोर दायरे में है यानी कि रिकवरी अभी शुरुआती दौर में है और इसके लिए और मजबूत खरीदारी की जरूरत है। पोनमुडी के मुताबिक ओवरऑल नियर टर्म का टेक्निकल आउटलुक सतर्कता के साथ पॉजिटिव बना हुआ है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।