Share Market Crash: सेंसेक्स और बैंकेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में हाहाकार मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि सेंसेक्स 1264 प्वाइंट् टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23100 के नीचे आ गया और ये गहरे लाल बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव दिखा लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज ढाई फीसदी से अधिक कमजोर हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 डेढ़ फीसदी से अधिक टूटकर बंद हुआ।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 24 सितंबर को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी कोे दिन सेंसेक्स (Sensex) 1,247.71 प्वाइंट्स यानी 1.67% की गिरावट के साथ 73,580.54 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 383.70 प्वाइंट्स यानी 1.64% की फिसलन के साथ 23,063.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1264.33 प्वाइंट्स टूटकर 73,563.92 और निफ्टी भी 400.65 प्वाइंट्स गिरकर 23,046.15 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
सितंबर में नए ऑर्डर में तेजी के कारण अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी पांच साल से अधिक समय में सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते अमेरिका के बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड साल 2007 के बाद के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया तो मार्केट ने ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता ने कच्चे तेल को फिर से उबाल दिया, जिसकी आंच में मार्केट झुलस गया। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $102 के करीब पहुंच गया।
Sensex की मंथली एक्सपायरी
आज बीएसई के सेंसेक्स और बैकेंक्स समेत अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी थी, तो मार्केट पर इसका असर दिखा। एक्सपायरी का मतलब डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर अपनी पोजिशन बंद करना है यानी उसे आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।
बैंकिंग शेयरों का भारी दबाव
सेक्टरवाइज मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों ने बुरी तरह तोड़ दिया। प्राइवेट सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स आज 2% से अधिक कमजोर हुआ को सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया। निफ्टी मेटल करीब 2%, निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी 1% से अधिक, निफ्टी रियल्टी 1% से अधिक और निफ्टी आईटी करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ। किसी भी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन नहीं है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में रॉकेट की तेजी से मार्केट को शॉक लगा है। आज यह 22.76% की फिसलन के साथ 12.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 13.22 तक चला गया था। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पूरे दिन मार्केट में पॉजिटिव माहौल रहा, जिससे 23760 या उससे ऊपर तक तेजी की उम्मीदें जगीं, लेकिन 23490 के लेवल ने बढ़त को रोके रखा। आनंद के मुताबिक अगर मार्केट 23490 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो या 23260 के नीचे फिसलता तो इसके 22600-21800 तक फिसलने की आशंका बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।