Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। सेंसेक्स 750 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23200 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव है लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक गिरावट है और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक। इस माहौल में मार्केट खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:42 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 707.24 प्वाइंट्स यानी 0.95% की गिरावट के साथ 74,121.01 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 228.30 प्वाइंट्स यानी 0.97% की फिसलन के साथ 23,218.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 774.10 प्वाइंट्स टूटकर 74,054.15 और निफ्टी भी 250.35 प्वाइंट्स गिरकर 23,196.45 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
सितंबर में नए ऑर्डर में तेजी के कारण अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी पांच साल से अधिक समय में सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते अमेरिका के बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड साल 2007 के बाद के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया तो मार्केट ने ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता ने कच्चे तेल को फिर से उबाल दिया, जिसकी आंच में मार्केट झुलस गए। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $102 के करीब पहुंच गया।
Sensex की मंथली एक्सपायरी
आज बीएसई के सेंसेक्स और बैकेंक्स समेत अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट पर इसका असर दिखा। एक्सपायरी का मतलब डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर अपनी पोजिशन बंद करना है यानी उसे आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।
बैंकिंग शेयरों का भारी दबाव
आज मार्केट पर बैंकिंग शेयरों ने भारी दबाव बनाया है। प्राइवेट बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर है तो सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स भी करीब 1% कमजोर है।
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पूरे दिन मार्केट में पॉजिटिव माहौल रहा, जिससे 23760 या उससे ऊपर तक तेजी की उम्मीदें जगीं, लेकिन 23490 के लेवल ने बढ़त को रोके रखा। आनंद के मुताबिक अगर मार्केट 23490 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो या 23260 के नीचे फिसलता तो इसके 22600-21800 तक फिसलने की आशंका बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।