Share Market Crash: लगातार चार कारोबारी दिनों में ढाई फीसदी से अधिक टूटने के बाद एक कारोबारी दिन पहले सेंसेक्स-निफ्टी संभले और करीब आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि आज फिर मार्केट पर बेयर्स हावी हो गए और कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर में ये 1% से अधिक टूट गए लेकिन निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग और पीएसयू बैंक के शेयरों की जोरदार रिकवरी के दम पर मार्केट ने रिकवरी की कोशिश। सेंसेक्स तो इंट्रा-डे में 1100 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था और निफ्टी भी 23,150 के करीब आ गया था लेकिन फिर आधे से अधिक घाटा रिकवर हो गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में थोड़ी रिकवरी आई और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 की गिरावट करीब 1% से कम होकर आधे फीसदी से कम रह गई।
दिन के आखिरी में आज सेंसेक्स (Sensex) 303.67 प्वाइंट्स यानी 0.41% की फिसलन के साथ 74,346.17 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 77.95 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,405.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में आज शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1157.24 प्वाइंट्स टूटकर 73,492.60 और निफ्टी भी 332.05 प्वाइंट्स टूटकर 23,151.50 तक आ गया था।
Why Market Crash: इन वजहों से मार्केट धड़ाम
अमेरिका सेना का कहना है कि ईरान ने बहरीन, कुवैत और कुछ अन्य जगहों पर मिसाइल से हमला किया, जिसे नाकाम कर दिया गया है। इसने पश्चिमी एशिया में खलबली मचा दी है।
मार्केट आज कच्चे तेल की आंच में झुलस गया जोकि 1% उछलकर प्रति बैरल $97 के पार चला गया।
मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स ऊपर चढ़ गया। आज यह 6.00% के उछाल के साथ 16.28 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है इसका कम होना।
लगातार चार दिनों में 7% से अधिक ऊपर चढ़ने के बाद निफ्टी आईटी आज 5% से अधिक टूट गया। दिन के आखिरी में भी निफ्टी आईटी 5.57% की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी गिरावट ने पीएसयू बैंक की तेज रिकवरी को भी फीका कर दिया। निफ्टी पीसयूबैंक आधे फीसदी की गिरावट से उबरकर डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में भी 1-1% की गिरावट आई।
एक बार फिर से दुनिया पर ट्रंप के टैरिफ का साया मंडराने लगा तो मार्केट में हड़कंप मच गया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय ने भारत, चीन, यूरोपीय संघ और जापान समेत दुनिया की 60 अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले इंपोर्ट पर 12.5 प्रतिशत तक का एक्स्ट्रा सीमा शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है।
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले शुरुआती गिरावट से निफ्टी को ऊपर उठने में बोलिंगर बैंड के निचले स्तर के सपोर्ट से मदद मिली लेकिन उम्मीद के मुताबिक यह बढ़त 23500 तक ही सीमित रही। आनंद के मुताबिक अगर आज गिरावट 23400-380 के दायरे में ही सीमित रहती है, तो 23700 की ओर फिर से तेजी देखी जा सकती है लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाता है, तो यह 23126-22800 के लेवर तक फिर से सामने आ सकता है।
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