Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी आंच में एशियाई मार्केट झुलस गया और घरेलू मार्केट में भी बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस दबाव में सेंसेक्स 513 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तेज रहा लेकिन मिडकैप में रिकवरी दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक टूट गया।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 31 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 307.24 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 76,957.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.25 प्वाइंट्स यानी 0.39% की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 513.19 प्वाइंट्स फिसलकर 76,751.32 और निफ्टी 182.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,993.60 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
एक बार फिर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है। इससे स्टॉक मार्केट में घबराहट बढ़ी है।
अमेरिका और ईरान में एक बार तनाव बढ़ा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड रॉकेट की स्पीड से करीब 6% उछलकर प्रति बैरल $91 के पार पहुंच गया। इस उबाल में स्टॉक मार्केट झुलस गया।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट को सपोर्ट मिला। आज यह 4.13% की बढ़त के साथ 11.13 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
मेटल और FMCG स्टॉक्स की तेज पिटाई
सेक्टरवाइज मार्केट को आज प्राइवेट बैंकों और फार्मा कंपनियों ने संभालने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल और एफएमसीजी का दबाव अधिक भारी पड़ गया। आईटी सेक्टर ने रिकवरी की काफी कोशिश की लेकिन 1% से अधिक गिरावट से उबरते हुए इसकी गिरावट आधे फीसदी से थोड़ी कम रह ही गई। वहीं निफ्टी प्राइवेट में करीब 1% तो निफ्टी फार्मा में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही तो निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आ गयाछ
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