Share Market News: सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी को आज मार्केट में मिला-जुला माहौल दिखा। शुरुआती कारोबार में तो अधिकतर एशियाई बाजारों से मजबूत संकेतों के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। हालांकि निचले स्तर पर खरीदारी से इन्होंने संभलने की कोशिश की और सेंसेक्स आखिरकार ग्रीन हो गया। वहीं ब्रोडर लेवल पर बात करें तो मिडकैप स्पेस ने भी अच्छी रिकवरी की और निफ्टी मिडकैप 100 ग्रीन जोन में बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 की रौनक बनी रही।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 113.61 प्वाइंट्स यानी 0.15% की बढ़त के साथ 78.079.96 और निफ्टी 40.10 प्वाइंट्स यानी 0.16% की फिसलन के साथ 24,395.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 300.46 प्वाइंट्स टूटकर 77,665.89 और निफ्टी 124.55 प्वाइंट्स गिरकर 24,311.40 तक आ गया था। निचले स्तर से रिकवर होकर सेंसेक्स 78,119.39 और निफ्टी 24,431.60 तक पहुंचा था।
Share Market Crash: ये है वजह
जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।
बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव
सेक्टरवाइज मेटल और बैंकिंग शेयरों ने आज मार्केट पर काफी दबाव बनाया। निफ्टी मेटल में 1% से अधिक गिरावट रही तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से अधिक और निफ्टी पीएसयू बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी कम कमजोरी रही। वहीं दूसरी तरफ निफ्टी एफएमसीजी आधे फीसदी से अधिक तो निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से हल्की ही कम बढ़त रही। निफ्टी रियल्टी करीब 1% मजबूत हुआ।
Sensex की वीकली एक्सपायरी
सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी थी तो इसका मार्केट पर दबाव दिखा।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।