Share Market Crash: IT Sector के दबाव पर Sensex डे-हाई से 700 प्वाइंट्स नीचे, 5 वजहों से Nifty भी धड़ाम

Share Market Crash: नीतिगत स्तरों पर पॉजिटिव्स के बावजूद मार्केट संभल नहीं पाया। आरबीआई के नीतिगत ऐलान के बाद मार्केट में उठा-पटक दिखी और फिर सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 23,300 के नीचे आ गया। जानिए मार्केट में गिरावट की पांच मुख्य वजहें

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 2:23 PM
एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार में सभी पॉजिटिव्स तेजी में शामिल हो चुके हैं।

Share Market Crash: एशियाई बाजारों से निगेटिव माहौल के बावजूद शुरुआती कारोबार में आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज बढ़त के साथ खुले थे। RBI ने रेपो रेट को उम्मीद के मुताबिक स्थिर बनाए रखा लेकिन फिर भी सेंसेक्स-निफ्टी हल्की उठा-पटक के बाद फिसल गए। इंट्रा-डे हाई से सेंसेक्स आज 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी भी 23,300 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में भी शुरुआती आधे फीसदी की बढ़त गंवाने के बाद करीब आधे फीसदी की गिरावट आ गई।

फिलहाल 02:11 AM पर सेंसेक्स 220.99 प्वाइंट्स यानी 0.30% की गिरावट के साथ 74,139.02 और निफ्टी 50 भी 85.50 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 23,331.05 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 74,717.57 के हाई से 728.82 प्वाइंट्स टूटकर 73,988.75 और निफ्टी 23,516.35 से 233.70 प्वाइंट्स फिसलकर 23,282.65 तक आ गया था।

Why Market Fall: ये है वजहें

RBI की चिंताएं


आरबीआई ने रेपो रेट को स्थिर रखा है लेकिन लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6.60% कर दिया दिया तो खुदरा महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.1% किया तो मार्केट को झटका लगा। आरबीआई गवर्नर ने यह भी आशंका जताई कि कमजोर ग्लोबल डिमांड और लॉजिस्टिक्स की ऊंची लागत का माल के निर्यात पर बुरा असर दिख सकता है।

पॉजिटिव्स मार्केट में शामिल

विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड्स में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ढील दी है तो आरबीआई ने भी बाजार की उम्मीदों के मुताबिक ग्रोथ को सपोर्ट देने वाला रुख अपनाया। इसके बावजूद मार्केट में रैली नहीं आ पाई क्योंकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार में ये सभी पॉजिटिव्स तेजी में शामिल हो चुके हैं। आरबीआई की कुछ फिक्र और आईटी सेक्टर की बिकवाली ने मार्केट को तोड़ दिया। बाजार को अब कंपनियों की कमाई में सुधार, विदेशी निवेशकों के पॉजिटिव रुझान, वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और तेल के कीमतों में नरमी के सपोर्ट का इंतजार है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स उछलकर फिर 16 के पार पहुंचा तो मार्केट पर दबाव बना। शुरुआती कारोबार में इसमें डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट आई थी लेकिन अब यह 1% से अधिक ऊपर चढ़ गया। फिलहाल यह 1.25% के उछाल के साथ 16.09 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है इसका कम होना।

आईटी और मेटल सेक्टर में दबाव

मेटल और आईटी सेक्टर ने आज मार्केट को नीचे खींच लिया। शुरुआती गिरावट को और बढ़ाते हुए निफ्टी मेटल अब 2% से अधिक टूट गया तो निफ्टी आईटी आधे फीसदी की बढ़त गंवाते हुए अब 1% से अधिक कमजोर हो चुका है।

एशियाई बाजारों से दबाव

जापान के निक्केई 225, हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग और ताइवान के ताइवान वेटेड में 1-1% से अधिक की गिरावट आई तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 6% फिसल गया और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट 3% से अधिक टूट गया। चीन का शंघाई कंपोजिट भी आधे फीसदी से अधिक फिसला है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

RBI MPC Meeting के हाइलाइट्स के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।