Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने और कच्चे तेल में उबाल पर घरेलू स्टॉक मार्केट में बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस आंधी में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी 24000 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 200.69 प्वाइंट्स यानी 0.26% की फिसलन के साथ 77,360.70 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 69.40 प्वाइंट्स यानी 0.29% की गिरावट के साथ 24,137.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में उछाल
मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुई सैन्य हमले और ईरान का होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया।
होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने मार्केट में खलबली मचा दी। इसके चलते कच्चा तेल उबल पड़ा और सितंबर डिलीवरी वाला बेंचमार्क ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स 4% से अधिक उछलकर $79 के पार चला गया। इसने मार्केट की रौनक फीकी कर दी।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में तेज उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 7.63% की गिरावट के साथ 13.19 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।
मेटल-फार्मा सेक्टर ने बनाया दबाव
मार्केट को आईटी सेक्टर से तगड़ा सपोर्ट मिल रहा है जिसका निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक मजबूत है। हालांकि मेटल और फार्मा सेक्टर की गिरावट इसे नीचे खींच रही है, जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी रियल्टी भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है तो निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है। निफ्टी ऑटो में करीब आधे फीसदी की गिरावट है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।