Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर कच्चा तेल में उबाल बढ़ा तो इसकी आंच में स्टॉक मार्केट झुलस गया। साथ ही टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे ने इस पर दबाव और बढ़ाया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 650 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 24250 के करीब आ गया था लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी से इन्होंने काफी हद तक गिरावट से रिकवरी कर ली। ब्रोडर लेवल पर निफ्टी मिडकैप 100 ने पूरी रिकवरी कर ली और 0.28% की बढ़त के साथ बंद हुआ लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 कमजोर बना रहा और इसमें 0.18% की गिरावट आई।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 187.90 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,966.35 और निफ्टी 35.75 प्वाइंट्स यानी 0.15% की फिसलन के साथ 24,435.95 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 656.32 प्वाइंट्स टूटकर 77,497.93 और निफ्टी 205.75 प्वाइंट्स गिरकर 24,265.95 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।
आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव
सेक्टरवाइज सरकारी बैंकों ने आज मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी प्राइवेट बैंक भी रेड से ग्रीन जोन में आकर बंद हुआ। हालांकि आईटी, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के दबाव ने इसे संभलने नहीं दिया। निफ्टी आईटी आज डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी आधे फीसदी से अधिक तो निफ्टी ऑटो 0.32% कमजोर हुआ।
Tata Sons के चेयरमैन का इस्तीफा
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को पद छोड़ने का ऐलान किया। हालांकि, वह 20 फरवरी, 2027 तक कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे। उनके फैसले का असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। समूह की दिग्गज कंपनियों टीसीएस, टाटा स्टील, टाइटन, टाटा पावर, टाटा मोटर्स पीवी के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। टाटा ग्रुप की टीसीएस सेंसेक्स पर टॉप लूजर रही।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।